अंबिकापुर। निजी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़ हुआ है। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी अस्पतालों में जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान गड़बड़ी सामने आ रही हंै। श्री महावीर हॉस्पिटल गांधीनगर में दूसरे की डिग्री पर मरीजों के इलाज का मामला सामने आया है।
इस प्रकरण में डा. नुरैल आलम के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई है। निजी अस्पताल में आउटसोर्सिंग के जरिए सिपाका कंपनी द्वारा आइसीयू का संचालन किया जाता है। इसी कंपनी द्वारा फर्जी डिग्री वाले कथित चिकित्सक की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही थी।
शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने श्री महावीर हॉस्पिटल गांधीनगर का निरीक्षण किया गया था। यह निरीक्षण कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर किया गया था। इसमें चिकित्सकों की डिग्री, पंजीयन प्रमाण पत्र और अस्पताल में सुविधाओं का परीक्षण किया गया।
क्यूआर कोड स्कैन करते ही खुली पोल
निरीक्षण दल को अस्पताल प्रबंधन ने वहां कार्यरत चिकित्सकों की योग्यता और पंजीयन से संबंधित दस्तावेज दिखाए। जांच में अस्पताल में कार्यरत डा. नुरैल आलम पिता शेख आरिफ के पंजीयन प्रमाण पत्र में गड़बड़ी मिली। प्रमाण पत्र पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन किया गया। वह प्रमाण पत्र अमरेश कुमार पिता अभिनंदन कुमार निवासी झारखंड का होना पाया गया।
इससे स्पष्ट हुआ कि डॉ. नुरैल आलम ने अमरेश कुमार की डिग्री में कूटरचना कर स्वयं के नाम से उपयोग किया है। यह भी पता चला कि डा. नुरैल आलम को सिपाका हेल्थ केयर सर्विसेज कंपनी ने आउटसोर्स से श्री महावीर हॉस्पिटल में कार्य पर लगाया है। सीएमओ ने थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की थी। पत्र के आधार पर डा. नुरैल आलम के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है।





