जहानाबाद (बिहार)। नकली दवा-कॉस्मेटिक बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। तुलसीपुर गांव में नामी-गिरामी कंपनियों के नाम और रैपर का इस्तेमाल किया जा रहा था। इनसे नकली दवा एवं कॉस्मेटिक उत्पाद तैयार किए जाते थे। ब्रांड प्रोटेक्शन सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड की टीम ने पुलिस के सहयोग से छापेमारी की। मौके से करीब 20 लाख की नकली दवा जब्त की। वहीं लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की सामग्री बरामद की है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
बाहर से मकान बंद, अंदर नकली कारोबार
तुलसीपुर गांव में शतीश यादव के मकान में नकली दवा और कॉस्मेटिक उत्पाद तैयार किये जा रहे थे। मकान के बाहर ताला लगा रहता था। अंदर नकली उत्पाद तैयार करने का काम चल रहा था। दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, रैपर, पैकिंग सामग्री और अन्य सामान बरामद किये हैं। डाबर इंडिया, सिप्ला, एलेम्बिक, हिमालया समेत कई ब्रांडेड कंपनियों के रैपर मिले हैं।
इनका इस्तेमाल कर नकली दवा एवं अन्य उत्पाद तैयार किये जाते थे। टीम ने नकली उत्पादों से संबंधित विभिन्न सामग्री भी जब्त की है। गुप्त सूचना मिलने के बाद कंपनी की टीम ने जहानाबाद के एसपी कोटा किरण कुमार से मुलाकात की। एसपी के निर्देश पर हुलासगंज पुलिस के सहयोग से तुलसीपुर गांव में छापेमारी की गयी। जांच में शहबाज मल्लिक, निवासी राजाबाजार सावनपुरा, पटना, सादिक अजीज, छोटी तेलपा, सारण और विकास कुमार के नाम सामने आये हैं।
विकास कुमार तुलसीपुर में तैयार नकली उत्पादों को अन्य जिलों में सप्लाई करता था। पुलिस ने तुलसीपुर निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार कर लिया। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है.










