रायबरेली (यूपी)। नकली दवा का भंडारण और बिक्री का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने यह कार्रवाई की। टीम ने बछरावां के मिश्रा मेडिकल एजेंसी के संचालक के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। एजेंसी से बरामद दवाओं के संबंध में अनियमितताएं सामने आई हैं।
यह है मामला
एफएसडीए ने बछरावां में मिश्रा मेडिकल एजेंसी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान फर्म के संचालक आमोद कुमार मिश्रा मौजूद मिले। दवाओं की जांच और रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। जांच में क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों में भी अनियमितताएं पाई गईं। इनका नाम लखनऊ के अमीनाबाद में छापेमारी में सामने आया था।
जांच के दौरान Augmentin Duo 625, बैच संख्या 825D091 की खरीद का मामला सामने आया। मिश्रा मेडिकल एजेंसी ने लखनऊ की मिश्रा एसोसिएट्स से इस दवा के 3200 पत्ते खरीदे थे। उक्त दवा की खरीद का रिकॉर्ड अलग-अलग बिलों के माध्यम से दर्ज किया गया था।
निर्धारित मूल्य और खरीद दर को लेकर भी गंभीर विसंगति सामने आई। कंपनी के अनुसार इसकी लागत करीब 116.70 प्रति यूनिट थी। जबकि संबंधित फर्म का इसे ₹56.60 की दर से खरीदना संभव नहीं था। फर्म के लिखित इस पत्र में भी इस प्रकार की किसी बिक्री से इनकार किया है।
टीम ने एजेंसी के स्टोर की जांच की। इस दौरान Kenacort Inj., बैच संख्या NCL0243 के पैक पर कंपनी के मूल पैक से अलग प्रिंटिंग संबंधी गड़बड़ी मिली। पैक पर ‘above’ की जगह ‘abowe’ मुद्रित पाया गया।
मौके से संबंधित दवा का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। रिपोर्ट के अनुसार नमूना मानक के अनुसार नहीं था। कार्रवाई के दौरान दुकान को सील कर दिया गया है। मिश्रा मेडिकल एजेंसी के संचालक आमोद कुमार मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।










