लखनऊ (यूपी)। नकली दवा की सप्लाई चेन का भंडाफोड़ हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने करीब 5.43 करोड़ की अवैध दवाइयां जब्त की हैं। यह कार्रवाई राज्य के कई क्षेत्रों में अभियान चलाकर की गई। अमीनाबाद में नकली और काउंटरफीट दवाओं की सप्लाई चेन चलाने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
मेसर्स हेल्थ प्लस, मेसर्स एम.के. फार्मा, राम फार्मा और पैशेंट केयर सर्जिकल हाउस फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाएं बाजार में खपा रही थीं। हेल्थ प्लस को लाइसेंस मई 2025 में मिला। लेकिन फर्म अप्रैल 2025 से ही अवैध क्रय-विक्रय दिखा रही थी।
निर्माता कंपनी ने फर्म की ओर से बेचे गए सिरप को नकली करार दिया। वहीं, एमके फार्मा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 8.87 करोड़ की फर्जी खरीद दिखाई। सबूत मिटाने के लिए पुराने डेटा तक को डिलीट कर दिया। निर्माता कंपनी Wardex ने फर्म के Dexorange Syrup को नकली बताया। लगभग 39.20 लाख रुपये की oryl M1 टैबलेट के सोर्स का सत्यापन तक नहीं हो सका। चारों फर्मों के विरुद्ध थाना अमीनाबाद में एफआईआर दर्ज की गई है।










