नई दिल्ली। GLP-1 दवा से मोटापे का इलाज बदल रहा है। GLP-1 दवाएं भूख कम करने और पेट भरा महसूस कराने में मदद करती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक मोटापे के इलाज में अभी भी सर्जरी, सही खान पान और शारीरिक गतिविधि की अहम भूमिका बनी है।
मोटापे के इलाज में कुछ समय में GLP-1 दवाओं की चर्चा तेजी से बढ़ी है। इन दवाओं से भूख कम करने, पेट भरा महसूस कराने और वजन घटाने में मदद मिल सकती है। ऐसे लोगों के लिए यह एक नया ऑप्शन बनकर सामने आया है। जो वजन घटाने की सर्जरी नहीं कराना चाहते। हालांकि डॉक्टरों के अनुसार सर्जरी की जरूरत खत्म नहीं हो गई है।
क्यों बदला इलाज का तरीका
GLP-1 दवाएं भूख को कंट्रोल करने और पेट भरा महसूस कराने में मदद करती हैं। इससे व्यक्ति के लिए कम खाना और वजन कम करना आसान हो सकता है। इन दवाओं ने मोटापे के इलाज को काफी बदला है। हालांकि इन्हें किसी जादुई इंजेक्शन की तरह नहीं देखना चाहिए। दवा शुरू करने से पहले व्यक्ति की पूरी सेहत की जांच जरूरी है। इसके साथ खानपान, फिजिकल एक्टिविटी और रोज की आदतों में बदलाव भी जरूरी है।
बहुत ज्यादा मोटापे वाले कुछ मरीजों में सर्जरी अब भी महत्वपूर्ण इलाज है। खासकर जब मोटापे के साथ टाइप-2 डायबिटीज, दिल की बीमारी, फैटी लिवर जैसी समस्याएं भी हों। मोटापा लंबे समय तक रहने वाली बीमारी है। इसलिए इलाज का फैसला केवल वजन देखकर नहीं किया जा सकता। त्ररुक्क-1 दवाएं जल्दी वजन घटाने का कोई आसान तरीका नहीं हैं।
इनके इस्तेमाल के दौरान दवा की मात्रा, खान पान और नियमित जांच पर ध्यान देना जरूरी है। दवा बंद करने के बाद कुछ लोगों का वजन फिर बढ़ सकता है। इसलिए खाने की आदतों और रोज की गतिविधियों पर काम करना बेहद जरूरी है.










