लहरपुर (उप्र)। अस्पताल संचालकों को खामियां मिलने पर नोटिस थमाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दस अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान तमाम खामियां उजागर हुईं। अधिकतर अस्पतालों में पंजीकृत चिकित्सक नहीं मिले। साथ ही साफ सफाई की व्यवस्था कापी खराब मिली। टीम को देखते ही कई संचालक अस्पताल बंद कर निकल भागे। इस पर टीम ने सभी दस अस्पतालों के संचालकों को नोटिस जारी िकए हैं। तय मानकों की अनदेखी पर एक निजी क्लीनिक पर ताला भी जड़ दिया।
यह है मामला
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीतापुर मार्ग स्थित स्वालो हॉस्पिटल की जांच की। यहां पर पंजीकृत चिकित्सक न मिलने पर नोटिस दिया गया। इसी के समीप संचालित सारा हॉस्पिटल बंद मिला। टीम ने नेशनल हॉस्पिटल की जांच की तो अस्पताल पंजीकृत मिला। वहां पंजीकृत चिकित्सक वहां मौजूद नहीं थे। इसी तरह शहर बाजार स्थित अवध हॉस्पिटल की जांच की।
यहां पंजीकरण तो मिला लेकिन मौके पर कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। छावनी स्थित एएमएस हॉस्पिटल, कोतवाली मार्ग पर स्थित एसआर मेमोरियल हॉस्पिटल में भी पंजीकृत डॉक्टर नहीं िमले। इनके संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। मोहल्ला ठठेरी टोला स्थित एपेक्स हॉस्पिटल को भी डॉक्टर न मिलने पर नोटिस दिया गया। मोहल्ला मीरा टोला स्थित बंगाली अस्पताल व अलशिफा हॉस्पिटल मौके पर बंद मिले। टीम डॉ. रईस के क्लीनिक पहुंची तो डॉक्टर क्लीनिक बंद कर भाग निकले।
क्लीनिक के बाहर तख्त पर लेटे मरीज को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था। टीम ने क्लीनिक में ताला लगा दिया। नोडल अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान कमियां मिलने पर अस्पताल संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।










