वारंगल (तेलंगाना)। जिम में मेफेन्टरमाइन सल्फेट इंजेक्शन की अवैध बिक्री का भंडाफोड़ हुआ है। फिटनेस कम्युनिटी में प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ कदम उठाया गया। ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन ने वारंगल के चारबोली इलाके में बिना लाइसेंस वाली जगह पर दबिश दी। मौके से मेफेनटरमाइन सल्फेट इंजेक्शन का स्टॉक ज़ब्त किया है। यह ऑपरेशन कमिश्नर टास्क फोर्स से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था।
यह है मामला
डीसीए वारंगल ज़ोन के अधिकारियों ने मोहम्मद अब्दुल सोहैब के घर पर छापा मारा। वहाँ उन्हें टर्मिन इंजेक्शन की 38 शीशियाँ मिलीं। इन्हें गैर-कानूनी तरीके से जिम जाने वालों को बेचा जा रहा था। ये इंजेक्शन असल में कड़ी निगरानी में मेडिकल इस्तेमाल के लिए होते हैं। इनका इस्तेमाल स्टैमिना और शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जा रहा था।
मेफेन्टरमाइन सल्फेट इंजेक्शन एक कार्डियक स्टिमुलेंट है। इसे मुख्य रूप से सर्जरी के दौरान कम ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए दिया जाता है। इसका गलत इस्तेमाल दिल से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। बहुत गंभीर मामलों में मौत भी हो सकती है।










