मुंबई। Mankind Pharma (मेनकाइंड फार्मा) की चेतावनी जारी की है। कंपनी का कहना है कि एक माह में दवाएं महंगी हो सकती हैं। Chief Operating Officer अर्जुन जूनजा ने स्पष्ट कर दिया कि भारत में दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी होना तय है। इंडस्ट्री मौजूदा स्टॉक के सहारे काम कर रही थी। अब सप्लाई में बाधाओं और एनर्जी (ऊर्जा) की बढ़ती कीमतों का असर टाला नहीं जा सकता।
दवाओं के APIs और फॉर्मूलेशन बनाने के लिए LPG और अन्य पेट्रोलियम-आधारित उत्पादों पर ज्यादा निर्भर है। ऐसे में, ईरान संघर्ष के बढ़ने के बाद Crude Oil की कीमतें लगभग प्रति बैरल से बढ़कर तक पहुंच गई हैं। जिससे इनपुट कॉस्ट सीधे तौर पर बढ़ने वाली है। यह स्थिति फार्मा इंडस्ट्री की क्रूड ऑयल और उसके डेरिवेटिव्स पर भारी निर्भरता को उजागर करती है। कई ज़रूरी दवाओं के लिए पेट्रोकेमिकल्स जैसे बेंजीन, टोल्यूनि, एथिलीन और प्रोपलीन का इस्तेमाल होता है, जो APIs का आधार हैं।
सिरिंज, IV बैग और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले मेडिकल प्लास्टिक भी पेट्रोकेमिकल्स से बनते हैं। इनकी लागत तेल की कीमतों के साथ बढ़ रही है। इसका मतलब है कि सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटें स्वास्थ्य उत्पादों के किफायती उत्पादन के लिए सीधा खतरा पैदा करती हैं। भारत का लगभग कच्चा तेल आयात करना इस भेद्यता को और बढ़ा देता है। दवाओं की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी भारत की व्यापक आर्थिक चुनौतियों को भी दर्शाती है। लागतें भी बढ़ी हैं, लॉजिस्टिक्स का खर्च दोगुना हो गया है। इनसे घरेलू और एक्सपोर्ट मार्केट दोनों के लिए लागतें बढ़ रही हैं।










