चतरा (झारखंड)। मेदांता हॉस्पिटल में गर्भवती महिला व अजन्मे बच्चे की मौत का मामला प्रकाश में आया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया है। चतरा शहर के बस स्टैंड में मेदांता हॉस्पिटल के नाम से अस्पताल संचालित है। अस्पताल में गर्भवती बैजंती देवी और उनके बच्चे की मौत हो गई। मृतका चुकु गांव निवासी लाटो गंझू की पत्नी थी।
परिजनों के अनुसार अस्पताल में तीन दिनों के भीतर इलाज के नाम पर 25 हजार रुपए वसूल लिए गए। प्रबंधन ने स्थिति गंभीर बताते हुए ऑपरेशन के लिए 40 हजार रुपए मांगे। जब परिजनों ने असमर्थता जताई तो महिला को गंभीर हालत में जबरन डिस्चार्ज कर दिया। घर पहुंचते ही महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में बिना जांच के महिला को खून चढ़ाया गया। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई। नौ हजार रुपए लेकर एक यूनिट खून चढ़ाया। यह अधिकृत ब्लड बैंक से नहीं लाया गया था। बिना क्रॉस-मैचिंग और जरूरी जांच के खून चढ़ाया गया। इससे पहले गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद महिला की हालत भी लगातार बिगड़ती चली गई। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने भी इलाज में भारी लापरवाही की बात स्वीकारी है।
प्रशासन ने अस्पताल किया सील
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया है। उपायुक्त के निर्देश पर पहुंची टीम ने अस्पताल के ओपीडी, वार्ड और मुख्य गेट को बंद कर दिया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को अस्पताल में सभी फरार मिले। वहां भर्ती एक अन्य मरीज को तत्काल सदर अस्पताल भेजा गया। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर मामले की गहन जांच में जुटे हैं।










