बरेली (उप्र)। डुप्लीकेट क्रीम बनाने के मामले में मेडिकल एजेंसी पर रेड की गई है। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर कोर्ट कमिश्नर और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने की। टीम ने प्रेमनगर स्थित विजय मेडिकल एजेंसी पर छापा मारा। इस दौरान फेसफाइन क्रीम का बड़ा स्टॉक, पैकेजिंग सामग्री और दस्तावेज जब्त किए। गोदाम और परिसर की जांच कर सामान को सील कर दिया।
ल्यूक्रॉस फार्मा की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। कंपनी का आरोप है कि विजय मेडिकल एजेंसी के संचालक जतिन अहूजा उसकी फाइनफेस क्रीम का नकली वर्जन्ा बनाकर बेच रही थी। उत्पाद की पैकिंग और कलर कॉम्बिनेशन भी मूल ब्रांड से काफी हद तक मेल खाते थे। इससे उपभोक्ताओं के भ्रमित होने और ट्रेडमार्क उल्लंघन की आशंका थी।
दिल्ली हाईकोर्ट में पेश करेंगे जांच रिपोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करते हुए विजय मेडिकल एजेंसी पर छापेमारी के निर्देश दिए। कोर्ट कमिश्नर की निगरानी में पुलिस टीम ने परिसर की तलाशी ली। कोर्ट कमिश्नर इस कार्रवाई की रिपोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट में प्रस्तुत करेंगे। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फाइनफेस के अधिष्ठाता अमित वर्मा ने बताया कि उनकी कंपनी मेरठ में है। बरेली में उनके स्टॉकिस्ट 10 साल से काम कर रहे थे। पिछले एक साल से वह फेसफाइन के नाम से कंपनी बनाकर उपभोक्ताओं को धोखा दे रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई।










