कालाअंब (हिमाचल प्रदेश)। फार्मा कंपनियों पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शिकंजा कसा है। सिरमौर के कालाअंब की दो फार्मा कंपनियों से प्रतिबंधित दवाओं की बरामदगी हुई थी। जांच में करोड़ों की अवैध कमाई का खुलासा हुआ है। एनसीबी ने इस कमाई से बनाईं 20.10 करोड़ की 25 संपत्तियां फ्रीज की हैं।
कालाअंब स्थित मैसर्स डिजिटल विजन और मैसर्स वेलिंटन हेल्थकेयर पर दबिश दी गई थी। इस दौरान प्रतिबंधित नशीली दवाओं और कच्चे माल की बड़ी खेप बरामद हुई थी। पता चला कि यहां से फर्जी फर्मों के नाम पर दवाओं की सप्लाई की जा रही थी। यह नेटवर्क सात राज्यों तक फैला हुआ है। इनमें हिमाचल ,पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
दवाओं की बिक्री से अर्जित कमाई को बैंक खातों में अलग-अलग लेनदेन के जरिये उसका स्रोत छिपाया गया। इसके बाद आरोपियों और परिजनों के नाम पर 20.10 करोड़ की संपत्तियां खरीदी गईं। आरोपी खरीद का वैध आय स्रोत नहीं बता सके।
अमृतसर में ट्रामाडोल मिलने की जांच शुरू
एसआईटी ने अमृतसर में 5,000 ट्रामाडोल गोलियां बरामद होने पर जांच शुरू की थी। पैकेजिंग पर जेआर फार्मास्यूटिकल्स, हरिद्वार और तिवारी मेडिकल एजेंसीज, देहरादून के नाम मिले। जांच में मार्केटिंग एजेंसी फर्जी पाई गई। अब तक इस नेटवर्क से जुड़े 17 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
करीब 34 लाख नशीली टैबलेट मिली हैं। वहीं 10.57 लाख कोडीन कफ सिरप की बोतले पाई गई। इनके अलावा 50 हजार ट्रामाडोल एम्प्यूल्स, 5,000 मिडाजोलम शीशियां और 2,200 किलोग्राम साइकोट्रोपिक पाउडर जब्त हुआ है।





