नई दिल्ली। लंग्स कैंसर की नई इम्यूनोथेरेपी दवा भारत में लांच हुई है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में मरीज के लिए इलाज का तरीका बहुत जरूरी होता है। इसी को देखते हुए भारत में एक नई इम्यूनोथेरेपी दवा लॉन्च की गई है। यह फेफड़ों के कैंसर के मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

इस दवा को सिर्फ 7 मिनट में शरीर में इंजेक्शन के रूप में दिया जा सकता है। पहले यह सिर्फ लंबी IV (इन्ट्रावेनस) इन्फ्यूजन के माध्यम से उपलब्ध थी।
नई इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन क्या है?

नई इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन मुख्य रूप से नॉन-स्मॉल सेल फेफड़ों के कैंसर के मरीजों के लिए है। भारत में हर साल लगभग 81,000 नए फेफड़ों के कैंसर के केस सामने आते हैं। इनमें यह प्रकार सबसे ज्यादा होता है। हर मरीज को यह दवा नहीं दी जा सकती है। यह PD-L1 प्रोटीन पर काम करती है।

पहले यह दवा IV इन्फ्यूजन के रूप में दी जाती थी। इसमें मरीज को घंटों तक अस्पताल में रहना पड़ता था। नई सबक्यूटेनियस इंजेक्शन तकनीक में यह सिर्फ जांघ में 7 मिनट में दी जा सकती है। अस्पताल के पांच मरीज SC इंजेक्शन के माध्यम से इलाज ले सकते हैं। एक ही मरीज को IV इन्फ्यूजन में इतना समय लगता था। भारत में लॉन्च हुई नई इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन की कीमत बहुत ज्यादा है। भारत में एक डोज का खर्च लगभग 3.7 लाख रुपये है। इसे सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के तहत भी शामिल किया गया है। SC इंजेक्शन में बायो-इक्विवेलेंट डोज 1800 mg है। IV में 1200 mg, जिसकी कीमत में लगभग 25,000 से 30,000 रुपये का अंतर है।