केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन की अनदेखी कर रहा पीजीआई

कॉन्ट्रैक्ट पर रखे जाएंगे 573 सिक्योरिटी गार्ड

चंडीगढ़: पीजीआई प्रशासन रेगुलर के बजाय कांट्रेक्ट बेस पर स्टाफ रखने जा रहा है। केंंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के बावजूद कॉन्ट्रैक्ट पर 573 सिक्योरिटी गार्ड रखने का टेेंडर निकाल दिया गया है। इन कर्मियों का सेवाकाल दो साल तक रहेगा। इन कर्मचारियों का काम लेने वाली कंपनी को पीजीआई 44 करोड़ रुपए देगा। पीजीआई कांट्रेक्ट पर स्टाफ रखने के लिए 22 करोड़ रुपए खर्च करेगा। सवाल उठाया जा रहा है कि दो साल के लिए 22 करोड़ में रेगुलर भर्ती भी हो सकती है।
बता दें कि केंद्र सरकार ने पीजीआई समेत तमाम सरकारी संस्थानों में कॉन्ट्रैक्ट पर स्टाफ रखने का नोटिफिकेशन जारी किया था। पीजीआई ने इन आदेशों को मानने से इनकार कर दिया। जिला अदालत में दायर याचिका पर पीजीआई डायरेक्टर पर क्रिमिनल केस दर्ज करने का आदेश हुआ, लेकिन पीजीआई प्रशासन ने इस फैसले के खिलाफ हार्डकोर्ट से स्टे ले लिया। अब हाइकोर्ट में ये केस विचाराधीन होने के बावजूद कॉन्ट्रेक्ट पर कर्मचारियों को रखने का प्रोसेस फिर से शुरू हो चुका है। पीजीआई मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अश्वनी मुंजाल का कहना है कि पीजीआई प्रशासन केंद्र सरकार के आदेशों की लगातार अनदेखी कर रहा है।
केंद्र सरकार ने 12 दिसंबर 2014 को सभी सरकारी संस्थानों में आउटसोर्स किए गए कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ को जून 2015 तक खत्म करने के आदेश दिए थे, लेकिन पीजीआई प्रशासन ने पिछले साल जून तक प्राइवेट कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ को हटाने का एग्रीमेंट खत्म नहीं किया। पीजीआई को सिक्योरिटी और दूसरा स्टाफ दे रही प्राइवेट कंपनी का कॉन्ट्रेक्ट पिछले साल 31 अगस्त को खत्म हो गया था। लेकिन इस कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट अभी तक चलता रहा। अब पीजीआई प्रशासन ने फिर कॉन्ट्रैक्ट पर सिक्योरिटी स्टाफ रखने के लिए टेंडर निकाल दिया है।