कलेक्टर जांच में औषधि एवं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर

चिकित्सक की पर्ची बिना धड़ल्ले से बेची जा रही शेड्यूल एच 1 दवाएं

राजस्थान (चितौडग़ढ़)

जिला कलेक्टर वेदप्रकाश ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. इंदरजीत सिंह और औषधि नियंत्रण अधिकारी रामकृष्ण सिंह को कार्यालय बुलाया और खुद दवा दुकानों की जांच करने निकले तो संबंधित अधिकारियोंं की घोर लापरवाही से पर्दा उठा। सबसे पहले वह नाहर मेडिकल पहुचे और संचालक से शेड्यूल एच 1 रजिस्टर मांगा जिसमे कुछ भी इन्द्राज नहीं था । उसके बाद श्रीराम मेडिकल से रजिस्टर मांगा जिसमे अधूरा पाया गया यानि कुछेक दवाओं का ही इन्द्राज किया गया था। दोनों दुकानों से रजिस्टर सीज कर लिए गए। कलेक्टर द्वारा जाँच करना और रजिस्टर में शेड्यूल एच 1 की बिक्री की गए दवाओं को इन्द्राज रजिस्टर में नहीं करना औषधि विभाग की मिलीभगत को उजागर करता है। पिछले दिनों राजस्थान के भीम कांकरोली एरिया में मेडीकेयर न्यूज द्वारा दवा दुकानों पर रजिस्टर के बारे में पूछा तो सब अनभिज्ञ थे। बताया की अगर इतना रिकॉर्ड रखेंगे तो औषधि नियंत्रण अधिकारी को पैसे किस बात के देते हैं। इस तरह खुले आम शेड्यूल एच 1 के अंतरगत आने वाली दवाओं को बिना किसी चिकित्सक के पर्चे के बेचते देखा गया ।
सवाल ये भी हे की कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां दूर दराज तक कोई चिकित्सक नहीं हैं। वहां मेडीकल स्टोर है और वहां किसी चिकित्सक का परचा तक नहीं पहुंचता तो उस मेडीकल स्टोर पर शेड्यूल एच और शेड्यूल एच 1 के अंर्तगत आने वाली दवाओं को किसके पर्चे पर बेचा जाता है। गौरतलब है कि पिछल दिनों मेडीकेयर न्यूज ने शेड्यूल एच 1 की बिना बिल दवा बेचने और इनकी तस्करी की खबर प्रमुखता से छापी थी। ये कारोबार किसी एक जिले या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रदेश में पनपने लगा है।