पंजाब में मंहगी दवाओं के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित

पंजाब में मंहगी दवाओं के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित

Punjab: पंजाब (Punjab) में इन दिनों दवाओं के नाम पर लूट चल रही है। 700 रुपये कीमत का टीका (वैक्सीन) 17000 रुपये में बेचा जा रहा है और मात्र 40 रुपये की गोली 4000 रुपये में बेची जा रही है। पंजाब विधानसभा में विधायक डॉ चरणजीत के द्वारा यह मुद्दा उठाया गया। उन्होंने एक प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से ये सिफारिश की केंद्र सरकार से कहे कि अत्याधिक महंगी दवाइयों के जरिये लोगों को ‘लूटना’ बंद किया जाए।

एमआरपी से अधिक दरों पर दवाओं की बिक्री से होने वाली लूट का मुद्दा उठाए (Punjab)

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह के जवाब के बाद सदन में उपस्थित सभी सदस्यों ने केंद्र सरकार को इस मामले की सिफारिश करने के लिए गैर-आधिकारिक प्रस्ताव पारित किया। बलबीर सिंह ने अपने जवाब के दौरान चरणजीत सिंह द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव की सराहना की और कहा कि यह मुद्दा उनके दिमाग में पहले से ही था।

उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने भी यह मामला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के संज्ञान में लाया था, जो कुछ दिनों पहले पटियाला गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कैंसर की दवाओं को पहले ही विनियमित किया जा चुका है, लेकिन गैर-अनुसूचित दवाओं और ई-फार्मेसी को अभी तक विनियमित नहीं किया गया है।

अपने इलाके में जन औषिधि केंद्र खुलवाए

डॉ चरणजीत सिंह ने सदन में मौजूद सभी विधायकों से कहा कि वह अपने इलाकों में जन-औषधि केंद्र खुलवाएं, जिसके लिए रोगी कल्याण समितियों और रेडक्रॉस से मदद ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस समय राज्य में 25 जनऔषधि केंद्र चल रहे हैं और 16 अन्य की मंजूरी दे दी गई है।

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पंजाब सरकार कुछ सेवाओं को आउटसोर्स करेगी लेकिन किसी प्राइवेट कंपनी को मेडिकल टेस्ट संबंधी कोई ठेका नहीं दिया जाएगा। सरकार अस्पतालों में दवाएं और टेस्ट मुफ्त उपलब्ध कराने की ओर बढ़ रही है और जल्दी ही इसके परिणाम सामने आएंगे।

 

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