स्वास्थ्य मंत्री नड्डा बेपरवाह, प्रधानमंत्री भी नहीं सुन रहे ‘मन की बात’, नर्स करेंगी हड़ताल

ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन का आरोप, 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
नई दिल्ली: हो सकता है, बेटियों को पढ़ाने-आगे बढ़ाने का मिशन लेकर चलने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को आजादी की शुभकामनाएं दे रहे होंगे तो उनकी ही सरकार के स्वास्थ्य मंत्री की नीतियों से आहत देश भर की नर्से उनसे विमुख होंगी।
ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन (एआईजीएनएफ) की महासचिव जी.के.खुराना के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने नर्सों के साथ वायदा खिलाफी की है। मार्च में जब नर्स फेडरेशन 7वें वेतन आयोग में अपने मानदेय में उचित बढ़ोतरी और पदोन्नति के लिए प्रदर्शन कर हड़ताल की तैयारी में थी तो स्वास्थ्य मंत्री ने उनकी मांगों को जायज ठहराते हुए उचित कदम उठाने की बात कही थी। स्वास्थ्य सचिव से इस बाबत फेडरेशन की बैठक भी हुई। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी को देखते हुए नर्सों ने आश्वासन स्वीकार करते हुए सेवा जारी रखी। लेकिन लागू हुए सातवें वेतन आयोग में उनकी मांगों को कोई स्थान नहीं दिया गया।
एआईजीएनएफ की दिल्ली अध्यक्ष प्रेमरोज सूरी तथा वरिष्ठ सदस्य अनीता पवार ने बताया कि दूर-दराज कस्बों-गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नर्सें ही मरीजों की तीमारदारी और उपचार में अहम भूमिका निभाती है। डॉक्टरों द्वारा गांवों में सेवा देने से गुरेज करना, अकसर केंद्र और राज्य सरकारों के सामने बड़ी समस्या रही है। हालांकि डॉक्टर इसके लिए उचित संसाधन और अव्यवस्था का हवाला देते हैं, लेकिन नर्से तमाम असुविधाओं के बीच सेवारत हैं। बावजूद इसके सरकार उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है।
 
दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल परिसर में एकत्रित  हुए विभिन्न नर्स संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से विरोध का निर्णय लिया। इस कड़ी में 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा। इस दिन देश भर में नर्से अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर धरना देकर संघर्ष को समर्थन करेगी। आगामी 2 अगस्त से राष्ट्रव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया गया।
नियुक्ति में शुरुआती ग्रेड पे 4600 से 5400 और पदोन्नति-भत्तों में विसंगतियां दूर करना नर्सों की मुख्य मांगे हैं।
बैठक में दिल्ली नर्सेज फेडरेशन के महासचिव लीलाधर रामचंदानी, एआरएनआई के महासचिव घेवरचंद, पीजीआईएमएस नर्सेज एसोसिएशन चंडीगढ़ के प्रधान लखविंदर सिंह, एआईईएसआईसीएनएफ के महासचिव जोधराज, युपी नर्स फ्रंट के महासचिव अशोक समेत विभिन्न नर्स संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, रेलवे, पीजीआईएमएस चंडीगढ़, ईएसआईसी, एसजीपीजीआई लखनऊ के प्रतिनिधियों ने एआईजीएनएफ की लड़ाई को पूर्ण समर्थन देने का वायदा किया।