अवैध दवाओं के कारोबार का पर्दाफाश

अम्बाला। पंजाब ड्रग्स डिपार्टमेंट ने जीरकपुर के औद्योगिक क्षेत्र में अवैध दवाओं के कारोबार का मामला पकड़ा है। टीम ने जांच में पाया कि फूड निर्माण के लाइसेंस पर एलोपैथिक दवाइयां बनाई जा रही थी। जानकारी अनुसार पंजाब निवासी राजेश ने औषधि प्रशासन से फूड का लाइसेंस लिया था। उसने जीरकपुर में कुछ समय तक फूड के उत्पाद तैयार कर बाजार में उतारे। साथ ही चोरी छिपे एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण भी शुरू कर दिया। वह विभाग की आंखों में धूल झोंककर अपने दवा निर्माण का धंधा अवैध तरीके से चलाता रहा। इसकी गुप्त सूचना मिलने पर राज्य औषधि नियंत्रक प्रदीप मट्टू ने ड्रग कंट्रोल ऑफिसर अमित लखनपाल एवं तेजेंद्र सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा। दोनों अधिकारियों ने मौके पर दबिश दी तो पाया कि व्हाटवे हेल्थ केयर के नाम से एक यूनिट का बोर्ड लटका हुआ था। टीम को यहां फूड निर्माण के लाइसेंस पर एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण होने के पुख्ता प्रमाण मिले। उल्लेखनीय है कि व्हाट वे हेल्थ केयर उत्तराखंड के एक दवा निर्माता के नाम से अपने निर्माण स्थल पर अवैध रूप से दवाइयां तैयार कर रहा था, जिसकी उत्तराखंड की निर्माता इकाई को कोई भनक नहीं थी। लिहाजा आरोपी राजेश पर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के अलावा धारा 420 के तहत भी कार्रवाई होना लाजमी हो गया है