मुंबई। फार्मा ल्यूपिन को जेनेरिक कैंसर दवा के लिए यूएस एफडीए से मंजूरी मिली है। कैंसर रोगियों के लिए लेनालिडोमाइड कैप्सूल के लिए उसे मंजूरी मिली है।

लेनालिडोमाइड को मल्टीपल मायलोमा वाले वयस्क रोगियों के उपचार के लिए स्वीकृति मिली है। खासतौर पर जब ऑटोलॉगस हेमटोपोइएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन के बाद मेनटेनेंस थैरेपी के रूप में डेक्सामेथासोन के साथ इसका उपयोग किया जाता है। लेनालिडोमाइड कैप्सूल अमेरिकी कंपनी ब्रिस्टल-मायर्स स्क्विब कंपनी द्वारा विकसित रेव्लिमिड कैप्सूल का एक जेनेरिक वर्जन है।

इस उत्पाद का निर्माण ल्यूपिन के मध्य प्रदेश स्थित पीथमपुर प्लांट में किया जाएगा। कंपनी का जेनेरिक प्रोडक्ट रेवलिमिड का एक किफायती विकल्प होगा। लेनलिडोमाइड कैप्सूल की अमेरिका में अनुमानित वार्षिक बिक्री 7,511 मिलियन डॉलर है। ल्यूपिन का मुख्यालय मुंबई में है। यह 100 से अधिक बाजारों में ग्लोबल फार्मास्युटिकल्स कंपनी के रूप में काम करती है। कंपनी ब्रांडेड एंड जेनेरिक फॉर्मूलेशन, कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स, बायोटेक्नोलॉजी प्रोडक्ट और एक्टिव फार्मास्युटिकल्स इंग्रीडिएंट्स पर ध्यान केंद्रित करती है।

कंपनी के दुनिया भर में 15 मैन्युफैक्चरिंग साइट्स और सात रिसर्च सेंटर हैं। इनमें 24,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। ल्यूपिन को अमेरिकी प्रशासन से जेनेरिक कॉन्ट्रासेप्टिव टैबलेट मिंजोया के लिए भी मंजूरी मिली है। यह दवा यूएस बेस्ड एवियन फार्मास्युटिकल्स एलएलसी द्वारा विकसित बाल्कोल्ट्रा का जेनेरिक इक्विवेलेंट है। मिंजोया का निर्माण भी ल्यूपिन के पीथमपुर स्थित प्लांट में किया जाएगा।