अलवर (राजस्थान)। प्रसूता की मौत के बाद निजी अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आया कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में नर्सिंगकर्मी से डिलीवरी कराई गई थी। इसके बाद प्रसूता की मौत हो गई थी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने इन मामलों की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और मातृ मृत्यु से जुड़े मामलों पर संज्ञान लिया गया।
ये है मामला
4 अगस्त को डॉक्टर की अनुपस्थिति में नर्सिंगकर्मी ने प्रसूता की डिलीवरी कराई थी। इसके बाद प्रसूता अंजुम (पिंकी) पत्नी साहिल खान की मौत हो गई। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के प्रावधानों के तहत अस्पताल में अनियमितता पाई गई। इसके बाद निशु हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। साथ ही अस्पताल की सभी गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
विभाग ने अस्पताल संचालक डॉ. भुवनेश कुमार शर्मा के खिलाफ कार्रवाई के लिए मेडिकल काउंसिल को पत्र लिखा है। वहीं, डिलीवरी कराने वाली नर्सिंगकर्मी रफीकन बानो के खिलाफ कार्रवाई के लिए नर्सिंग काउंसिल को पत्र भेजा है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच से जुड़े आंकड़े तैयार किए जाएं। इन आंकड़ों को समय पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए हैं।










