लखनऊ (यूपी)। दवा में गड़बड़ी मिलने पर कंपनी तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट की गई है। सरकारी अस्पतालों में आपूर्ति की जाने वाली कैल्शियम-विटामिन डी-3 की दवा के दो बैच जांच में मिलावटी मिले हैं। इस पर यूपी मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन ने संबंधित कंपनी को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
यही कंपनी इससे पूर्व भी इसी दवा के दो से अधिक बैच अमानक मिलने पर कार्रवाई झेल चुकी है। नोएडा की अफ्फी पैरेंट्रल्स ने कैल्शियम कार्बोनेट विद विटामिन डी3 (1250 एमजी 250 आई) टैबलेट की सरकारी सप्लाई के लिए टेंडर लिया था। कंपनी ने प्रदेश के सभी ड्रग वेयरहाउस में इस दवा की सप्लाई की थी।
पीजीटी-241145 बैच को सरकारी प्रयोगशाला ने अमानक घोषित किया था। इसके बाद पीजीटी-25407 बैच भी जांच में ‘स्प्यूरियस’ पाया गया। दोनों बैचों की मैन्युफैक्चरिंग क्रमशः दिसंबर 2024 और मई 2025 की थी। कंपनी को सितंबर 2025 में भी इसी दवा के दो से अधिक एनएसक्यू बैच सप्लाई करने के कारण तीन साल के लिए काली सूची में डाला गया था। बाद में दो बैच नकली मिलने पर कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। मगर तय समय सीमा में कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया। इसके चलते यूपीएमएससीएल के प्रबंध निदेशक ने कंपनी को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने का आदेश दिया है।










