लखनऊ। कोडीन कफ सिरप मामले में थोक दवा विक्रेता की जमानत खारिज हो गई है। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बलरामपुर निवासी थोक दवा विक्रेता वरुण लाठ की जमानत याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव भारती की एकल पीठ ने पारित िकया। कहा कि दवा बिक्री का लाइसेंस होने मात्र से किसी व्यक्ति को अभियोजन से छूट नहीं मिल जाती। मामला बलरामपुर के तुलसीपुर थाने में दर्ज मुकदमे से संबंधित है।
यह है मामला
औषधि प्रशासन ने अशोक मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया था। जांच में कोडीन आधारित कोडीवा कफ सिरप की खरीद-बिक्री के अभिलेखों में गंभीर अनियमितताएं िमली। आरोप है कि बड़ी मात्रा में कफ सिरप की बिक्री की गई। निर्धारित अभिलेख और बिक्री संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। जांच में आवेदक की भूमिका कफ सिरप के संगठित नेटवर्क का हिस्सा होने के रूप में सामने आई है। संबंधित मात्रा व्यावसायिक श्रेणी की है। इसलिए एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के कठोर प्रावधान लागू होते हैं। वहीं, अभियुक्त पक्ष का कहना था कि आवेदक लाइसेंसधारी थोक विक्रेता है। कोडीन युक्त दवाओं का क्रय-विक्रय वैध रूप से कर सकता है। उससे कोई बरामदगी नहीं हुई है और उसे झूठा फंसाया गया है।










