डॉ मनसुख मांडविया आज एनएमए और आईएमए अधिकारियों से करेंगे मुलाकात

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने नव-अधिसूचित विनियमन – राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी (व्यावसायिक आचरण) विनियम, 2023 – पर चर्चा करने के लिए सोमवार को एक बैठक बुलाई है, जो अन्य बातों के अलावा, जेनेरिक दवाओं के नुस्खे को अनिवार्य बनाता है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) इस कदम का पुरजोर विरोध कर रहा है। सूत्रों ने कहा कि मंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष और आईएमए के दो अन्य प्रतिनिधि शामिल होंगे। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव और भारतीय फार्मास्युटिकल एलायंस के महानिदेशक भी उपस्थित रहेंगे। एनएमसी ने अपने पंजीकृत चिकित्सा चिकित्सकों के पेशेवर आचरण से संबंधित नियमों  में कहा है कि सभी डॉक्टरों को जेनेरिक दवाएं लिखनी चाहिए।

इसने उनसे ब्रांडेड जेनेरिक दवाएं लिखने से बचने को भी कहा। आईएमए का कहना है कि इस कदम को तब तक के लिए टाल दिया जाना चाहिए जब तक सरकार बाजार में उतारी गई सभी दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं कर लेती। आईएमए ने कहा कि एनएमसी मार्ग अपनाने के बजाय सरकार को फार्मा मार्ग अपनाना चाहिए और सभी ब्रांडेड दवाओं पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। सरकार ब्रांडेड और ब्रांडेड जेनेरिक जैसी कई श्रेणियों की अनुमति देती है और फार्मास्युटिकल कंपनियों को एक ही उत्पाद को अलग-अलग कीमतों पर बेचने की अनुमति देती है।

ये भी पढ़ें- 358 नशीली दवाइयों की शीशी के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया के साथ प्रस्तावित बैठक के बारे में आईएमए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम इस शासनादेश के खिलाफ अपनी चिंताओं को सामने रखने जा रहे हैं। जेनेरिक या गैर-पेटेंट दवाएं दो संस्करणों में आती हैं। पहले वे हैं जो उनके सामान्य या रासायनिक संरचना नाम के तहत बेचे जाते हैं, उदाहरण के लिए पेरासिटामोल। दूसरे वे हैं जो दवा निर्माताओं द्वारा ब्रांड-नाम के तहत बेचे जाते हैं। 1,000 से अधिक फार्मा कंपनियां विभिन्न नामों से पेरासिटामोल बेचती हैं।

 

Related Posts

अवैध रूप से संचालित क्लीनिक और निजी अस्पताल बंद कराए

पीथमपुर (मध्यप्रदेश)। अवैध रूप से संचालित क्लीनिक और निजी अस्पताल बंद कराए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच की। लाइसेंस और जरूरी दस्तावेज नहीं दिखाने वाले…

जिला अस्पताल के सिरप में मिला कीड़ा, कार्रवाई की मांग

महराजगंज (यूपी)। जिला अस्पताल से लिए सिरप में कीड़ा मिलने का मामल सामने आया है। इसकी शिकायत पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इसके…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

अवैध रूप से संचालित क्लीनिक और निजी अस्पताल बंद कराए

  • By Desk
  • November 5, 2026
  • 2 views
अवैध रूप से संचालित क्लीनिक और निजी अस्पताल बंद कराए

जिला अस्पताल के सिरप में मिला कीड़ा, कार्रवाई की मांग

  • By Desk
  • November 5, 2026
  • 2 views
जिला अस्पताल के सिरप में मिला कीड़ा, कार्रवाई की मांग

दिव्यांश फार्मा पर बिना बिल की दवाएं जब्त, सप्लायर फरार

  • By Desk
  • November 5, 2026
  • 2 views
दिव्यांश फार्मा पर बिना बिल की दवाएं जब्त, सप्लायर फरार

मकान में छापेमारी कर 6.47 लाख की संदिग्ध दवाएं जब्त

  • By Desk
  • November 5, 2026
  • 4 views
मकान में छापेमारी कर 6.47 लाख की संदिग्ध दवाएं जब्त

एनपीपीए ने कैंसर दवाओं की संशोधित एमआरपी सूची जारी की

  • By Desk
  • November 5, 2026
  • 4 views
एनपीपीए ने कैंसर दवाओं की संशोधित एमआरपी सूची जारी की

जिला नागरिक अस्पताल से 6800 नशीली टैबलेट चोरी

  • By Desk
  • November 4, 2026
  • 22 views
जिला नागरिक अस्पताल से 6800 नशीली टैबलेट चोरी