ड्रग इंस्पेक्टरों पर सेटलमेंट के गंभीर आरोप लगे

भोपाल: मुरैना के थोक और रिटेल दवा दुकानदारों पर एक साथ चार ड्रग इंस्पेक्टरों की दिन भर छापामार कार्रवाई से दवा कारोबारियों में हलचल रही। कार्रवाई में शिवपुरी, ग्वालियर सहित मुरैना के ड्रग इंस्पेक्टर शामिल रहे। टीम ने दो रिटेल और छह थोक दवा विक्रेताओं से दवा सेल-परचेज संबंधी दस्तावेज मांगे। साथ ही सुनिश्चित किया कि दुकान पर प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की कितनी मात्रा है। टीम ने एक्सपायरी, सैंपल और बिना बिल की दवाईयों को भी चेक किया। त्यौहार के मौसम अचानक एक साथ आठ दुकानों पर चेकिंग से मुरैना के अंबाह स्थित दवा बाजार के केमिस्टों की धड़कने बढ़ गई।

ग्वालियर के ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर, दिलीप अग्रवाल, शिवपुरी के इंसपेक्टर देशराज राजपूत और मुरैना के मनीष मसीह ने दोपहर के वक्त दवा बाजार में एंट्री की। शुरुआत में जिला अस्पताल गेट पर संचालित न्यू शंकर मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। दो इंस्पेक्टरों ने यहां दुकान का ड्रग लाइसेंस और दवाईयों के बिल चेक किए तो अन्य एक्सपायरी डेट से लेकर सैंपल और बिना बिल की दवाईयों के स्टॉक खंगालते रहे। इसके बाद टीम दीनबंधु मेडिकल स्टोर पहुंची। यहां एक्सपायरी डेट की दवाईयां मिली लेकिन केमिस्ट ने इन्हें नहीं बेचे जाने की दलील दी। सख्ती करने पर यहां ड्रग इंस्पेक्टरों और दुकानदारों में नोक-झोक भी हुई। पता चला कि उक्त दवा दुकानदार ग्राहकों को 20 प्रतिशत कम रेट पर बेहतर दवा उपलब्ध करवाता है।

लोगों का आरोप था ड्रग विभाग के अधिकारी वहां कार्रवाई करने से बचते हैं जहां सही मायने में दवा दुकान की आड़ में गोरखधंधा होता है। देर शाम तक मार्केट में दुर्गा मेडिकल स्टोर,कमल मेडिको, मेडिको सेल्स, एसएस फार्मा, रवि मेडिको, मां मेडिकल सेल्स पर पहुंचकर वहां दुकानों के ड्रग लाइसेंस चेक किए। इंस्पेक्टरों ने दुकानों में रखी दवाईयों को उठाकर उनके पक्के बिल भी देखे। स्टॉक पोजीशन में यह भी चेक किया कि सैंपल की दवाइयां तो नहीं बेची जा रही हैं। जिन दुकानों पर कुछ गड़बड़ी मिली तो उसे ड्रग इंस्पेक्टरों ने उजागर नहीं किया। शायद ऐसा इसलिए ताकि डीआई का दवा विक्रेता से लेनदेन का सैटलमेंट न बिगड़े। ड्रग इंस्पेक्टरों की सूचना मिलते ही अन्य दवा कारोबारियों ने दुकानें बंद कर दी। दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक नगर में दवा की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। पूरी कार्रवाई ड्रग कंट्रोलर पल्लवी जैन के निर्देश पर हुई। जानकारी के मुताबिक, टीम को दुकानों पर एक्सपायरी दवाईयों का स्टॉक का डाटा तैयार करने के लिए भेजा गया।

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