नारकोटिक व एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई

लखनऊ। केजीएमयू की ओपीडी और क्वीन मेरी की अमृत फार्मेसी में नारकोटिक और एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यहां शेड्यूल एच की दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के बेची जा रही थी। एफएसडीए ने शिकायत मिलने पर जांच की तो इन दवाओं की बिक्री संबंधी गड़बड़ी मिली। जांच के लिए छह सैंपल लिए गए हैं। अमृत फार्मेसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा भी गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत के बाद एफएसडीए के इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव एवं माधुरी सिंह टीम के साथ केजीएमयू की ओपीडी स्थित अमृत फार्मेसी के मुख्य दवाखाने पहुंचीं। यहां शेड्यूल एच और एच वन की दवाओं की खरीद व बिक्री संबंधी रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। बिना डॉक्टर की सलाह के नारकोटिक दवाएं बिकती पाई गईं। वहीं, कैशमेमो में लाइसेंस नंबर व अन्य जरूरी चीजें अंकित नहीं थी। दवाओं के भंडारण में भी गड़बड़ी थी। इस पर शेड्यूल एच और एच वन की दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई।
खास बात यह है कि शेड्यूल एच और एच वन की दवाओं की खरीद और बिक्री संबंधी रजिस्टर भी नहीं मिला। यहां से ट्रेमाडॉल, एल्प्राजडोलान और एक एंटीबायोटिक के नमूने लिए गए हैं। स्टोर संचालक भी गायब मिला। इसके बाद टीम क्वीन मेरी स्थित अमृत फार्मेसी पहुंची। यहां भी नारकोटिक और एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। यहां से दो नमूने लिए गए। इसके बाद टीम ठाकुरगंज स्थित विमला मेडिकल स्टोर पहुंची। यहां फार्मासिस्ट नहीं मिला। दवाओं के भंडारण में गड़बड़ी पाई गई। यहां से एक दवा का सैंपल लिया गया है। सभी सैंपल जांच को लैब भेजे गए हैं। तीनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए ड्रग लाइसेंस अथारिटी को लिखा गया है।
केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि प्रकरण अमृत फार्मेसी के संदर्भ में है। संचालक से बात की गई। उनका कहना है कि सभी दस्तावेज दिखाए गए हैं। गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। केजीएमयू का सीधा संबंध भी नहीं है। फिर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए अमृत फार्मेसी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अमृत फार्मेसी के संचालक संजीव राय के अनुसार ड्रग इंस्पेक्टर रूटीन चेकिंग पर आए थे। कोई शिकायत नहीं थी। तीन घंटे तक पड़ताल चली। इस दौरान बिक्री रोक दी गई थी। कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। सभी दस्तावेज दे दिए गए हैं। किस आधार पर गड़बड़ी की बात कह रहे हैं, यह तो वहीं जानें। हमारे पास सभी जरूरी दस्तावेज और लाइसेंस हैं।

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