फार्मासिस्टों ने बढ़ाया लाइसेंस का किराया, दवा दुकानदार काट रहे मरीज की जेब

भागलपुर। शहर में दवा बिक्री के नाम पर मरीजों से हो रही लूट में नया खुलासा हुआ है। लोगों की जेब पर डाका डालने में दवा दुकानदारों के साथ सिर्फ ड्रग डिपार्टमेंट ही नहीं, बल्कि फार्मासिस्ट भी शामिल हैं। कुछ साल पहले तक अपना लाइसेंस दवा दुकानों को देने के के लिए वे जहां 3500-5000 रुपए तक ले रहे थे, अब वे सालाना डेढ़ से दो लाख रुपए तक वसूल रहे हैं। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट में आई तब्दीली और सरकार की सख्ती के बाद दवा दुकान के लाइसेंस में परेशानी बढ़ी तो फार्मासिस्ट की चांदी हो गई। फार्मासिस्ट की इस चांदी में ड्रग डिपार्टमेंट भी साथ होकर दुकानदारों को लूट की मौन छूट दे रहा है। इसका खुलासा ड्रग डिपार्टमेंट के ही एक कर्मचारी ने किया।
इस मिलीभगत के खुलासे के साथ ही यह भी साफ हो गया कि दुकानदार नियमों को ताक पर रखकर मरीजों को इसलिए पूरा पत्ता थमा रहे हैं कि उनका मुनाफा बढ़े और वे अपने मुनाफे से सालाना दो लाख रुपए फार्मासिस्ट को दे सकें।
  पहले दवा दुकान खोलने के लिए फार्मासिस्ट का लाइसेंस देना होता था। फार्मासिस्ट अपना लाइसेंस नंबर देते थे और इसके एवज में अलग-अलग दुकानों से 3500 से 5000 रुपए तक चार्ज करते थे। इससे दुकानदारों को फार्मासिस्ट की फीस देने के लिए रोजाना महज 9.58 रुपए से 13 रुपए तक की जरूरत होती थी। दवा के मुनाफे में यह राशि अपेक्षाकृत बेहद कम थी। इसलिए दवा दुकानदार खुले तौर पर हर तरह से दवा की बिक्री करते थे। वे मरीजों की जरूरत समझकर टैबलेट और कैप्सूल के पत्ते से दो-तीन दवा भी देते थे और गैर-जरूरी दवा की वापसी भी होती थी। अब फार्मासिस्ट ने दवा दुकान खोलने वालों को अपना लाइसेंस नंबर देने की दरें 20 गुना तक बढ़ा दी। डेढ़ से दो लाख सालाना से कम पर वे अपना लाइसेंस देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में दवा दुकानदारों पर रोजाना 410 से 547 रुपए तक भार बढ़ गया। रोजाना 410-547 रुपए की वसूली के लिए दुकानदारों ने मरीजों से लूट का जाल बिछाया और ज्यादा मुनाफा के लिए ज्यादा दवा की ज्यादा बिक्री को अपना हथियार बना लिया। उन्होंने टैबलेट और कैप्सूल के पत्ते से काटकर दवा देने से इनकार कर दिया। गैर-जरूरी दवा की वापसी भी बंद कर दी।  सरकार ने दवा दुकानों में पारदर्शिता के लिए जो गाइडलाइन बनाई थी, उसका भी दवा दुकानदार विरोध कर चुके हैं। यह विरोध भी दवा दुकानदार, ड्रग डिपार्टमेंट और फार्मासिस्ट की मिलीभगत की पोल खोल रहा है। मालूम हो कि 2017 में सरकार ने फार्मासिस्ट का नाम और उनके वेतन भुगतान को ऑनलाइन करने के आदेश दिए थे। इसके विरोध में दुकानदारों ने पूरे राज्य में काला बिल्ला भी लगाया। दुकानें बंद कर प्रदर्शन भी किया। एसोसिएशन ने तर्क दिया था कि इस आदेश से दवा दुकानदारों की परेशानी बढ़ जाएगी। फार्मासिस्ट कम हैं और दुकानें ज्यादा। दवा दुकानों में फर्मासिस्ट का नाम और वेतन भुगतान की ऑनलाइन जानकारी देना उचित नहीं है। इस विरोध से साफ है कि ऑनलाइन भुगतान और फार्मासिस्ट का नाम उजागर होने से यह स्पष्ट हो जाता कि दुकानदारों पर क्या बोझ पड़ा है और इसकी भरपाई वे कैसे कर रहे हैं। इस संबंध में असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर, भागलपुर प्रदीप कुमार ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि मैं अभी तो कुछ नहीं कह सकता। कल दफ्तर आइए, वहीं बात होगी।

Related Posts

दवा निर्यात फर्जी एनओसी से किया, तीन कंपनियों पर बैन

इंदौर (मप्र)। दवा निर्यात फर्जी एनओसी से करने का मामला प्रकाश में आया है। दवा उद्योग फिर सवालों के घेरे में हैं। दवा निर्यात के लिए दूसरे देशों की फर्जी…

कफ सिरप और नशीली टैबलेट-कैप्सूल का जखीरा पकड़ा

सिंगरौली (यूपी)। कफ सिरप और नशीली टैबलेट-कैप्सूल का जखीरा पकड़ा गया है। सिंगरौली जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। बरगवां पुलिस ने दो आरोपियों को…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

दवा निर्यात फर्जी एनओसी से किया, तीन कंपनियों पर बैन

  • By Desk
  • October 30, 2026
  • 16 views
दवा निर्यात फर्जी एनओसी से किया, तीन कंपनियों पर बैन

कफ सिरप और नशीली टैबलेट-कैप्सूल का जखीरा पकड़ा

  • By Desk
  • October 30, 2026
  • 11 views
कफ सिरप और नशीली टैबलेट-कैप्सूल का जखीरा पकड़ा

ट्रांसपोर्ट पर संदिग्ध दवाओं के अवैध भंडारण का भंडाफोड़

  • By Desk
  • October 30, 2026
  • 8 views
ट्रांसपोर्ट पर संदिग्ध दवाओं के अवैध भंडारण का भंडाफोड़

कम शेल्फलाइफ वाली मेडिसिन के आयात पर लगा प्रतिबंध

  • By Desk
  • October 30, 2026
  • 7 views
कम शेल्फलाइफ वाली मेडिसिन के आयात पर लगा प्रतिबंध

डॉक्टर्स और अस्पतालों के विज्ञापनों पर NMC की सख्ती

  • By Desk
  • October 30, 2026
  • 10 views
डॉक्टर्स और अस्पतालों के विज्ञापनों पर NMC की सख्ती

नशा मुक्ति केंद्रों में खेल, 4 रुपये की गोली 250 में बेची

  • By Desk
  • October 29, 2026
  • 12 views
नशा मुक्ति केंद्रों में खेल, 4 रुपये की गोली 250 में बेची