पटना (बिहार)। ट्रांसपोर्ट पर संदिग्ध दवाओं के अवैध भंडारण का भंडाफोड़ हुआ है। प्रमुख दवा बाजार जीएम रोड में औषधि नियंत्रण प्रशासन ने यह कार्रवाई की। अवैध दवा भंडारण और बिना वैध कागजात दवाओं की आपूर्ति का मामला पकड़ा है। स्टेट ड्रग कंट्रोलर नित्यानंद क्रिसलय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। ड्रग निरीक्षकों की टीम ने संत जोसेफ स्कूल वाली गली स्थित जय मां दुर्गा ट्रांसपोर्ट पर रेड की।
यह है मामला
औषधि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी। पता चला कि ट्रांसपोर्ट में संदिग्ध दवाओं का अवैध भंडारण किया गया है। इसके बाद विधिवत संयुक्त जांच शुरू की गई। जांच के दौरान ट्रांसपोर्ट के प्रोपराइटर देवेन्द्र राय मौके पर मौजूद मिले। उनसे पूछताछ में पता चला कि 9 कार्टन में दवाएं हैं। ये जीएम रोड के न्यू उदय प्लेस स्थित मेसर्स कुमार फार्मा के नाम से मंगाई गई थीं। इसके बाद टीम ने कुमार फार्मा के दुकान परिसर में भी निरीक्षण किया। संबंधित दवाओं के खरीद-बिक्री दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की।
फर्जी जीएसटी बिल का खुलासा और लैब जांच
दुकानदार ने दवाओं के अपने होने की बात तो स्वीकार की। वह वैध बिल और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड पेश नहीं कर सका। जांच में जो बिल प्रस्तुत किया गया, वह फर्जी जीएसटी नंबर पर आधारित मिला। टीम ने बिना वैध बिल के दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है। साथ ही 4 प्रकार की दवाओं के नमूने सील कर लैब भेज दिए हैं।
फर्जीवाड़े का अलग से दर्ज होगा मामला
फर्जी जीएसटी बिल के जरिए टैक्स चोरी पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। फर्जीवाड़े को लेकर अलग से मामला दर्ज कराया जा रहा है। लैब से सैंपल की जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित फर्म और संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।





