नई दिल्ली। कम शेल्फलाइफ वाली मेडिसिन के आयात पर रोक लगा दी है। लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया। एक वर्ष से कम शेल्फ लाइफ वाली दवाओं का आयात नहीं होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।
हालांकि, जैविक दवाओं और रेडियोफार्मास्यूटिकल्स के लिए अलग प्रावधान है। नया नियम ‘औषधि (13वां संशोधन) नियम, 2026’ के तहत अधिसूचित किया है। औषधि नियम, 1945 के नियम 31 में संशोधन किया गया है। यह संशोधन राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही लागू हो गया है।
ये है नया प्रावधान
नए प्रावधान में कई नियम बताए गए हैं। सामान्य दवा के आयात के समय शेल्फ लाइफ कम से कम एक वर्ष शेष होनी चाहिए। इसका उद्देश्य ऐसी दवाओं को बाजार में आने से रोकना है। जिनकी उपयोग अवधि समाप्त होने के करीब है। हालांकि, जैविक दवाओं और रेडियोफार्मास्यूटिकल्स के लिए छूट दी गई है। इनके मामले में उत्पाद के लेबल पर शेल्फ लाइफ 60 प्रतिशत अवधि शेष होने पर भी आयात की अनुमति है।
औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड से परामर्श करने के बाद संशोधन को अंतिम रूप दिया गया। सरकार ने इस वर्ष 22 जून को संशोधन का मसौदा प्रकाशित किया था। संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए थे। कम शेल्फलाइफ वाली मेडिसिन के आयात पर रोक लगा दी है।





