सदमे में दवा व्यापारी, बर्बाद हो गईं कोरोना की करोड़ों की दवाएं

गोरखपुर। कोरोना ने देश में इस कदर आतंक मचाया कि दवा, ऑक्सीजन, अस्पतालों में बेड तक की कमी हो गई थी। दवा व्यापारियों ने इस चीज को देखते हुए दवा का काफी भारी मात्रा में स्टॉक कर लिया था। लेकिन अब ये दवा कुछ समय बाद एक्सपायर होने वाली है। ये सोचकर दवा व्यापारी सदमें में है कि उनके हजारों रुपए बर्वाद हो जाएंगे। व्यापारी अब दवा कंपनी से वो दवाएं जो दो महीने में एक्सपायर हो जाएगी उसे वापस करने की गुहार लगा रहे हैं। जबकि कंपनी ने दवा वापस लेने से मना कर दिया है। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर के लिए व्यापारी दवा ऑर्डर करने से कतरा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना की करोड़ों रुपए की दवा एक्सपायर हो जाएगी। इससे दवा व्यापारी परेशान हैं। अब उन्हें कोरोना की तीसरी लहर की चिंता भी सता रही है। कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप देखते हुए दवा व्यापारियों नें रेमेडेसिवीर समेत कई मंहगी दवाएं अधिक मात्रा में मंगा ली थी। जुलाई में कोरोना के मामले थमने के साथ ही दवाओं की डिमांड भी खत्म हो गई।

भलोटिया मार्केट के दवा व्यापारी योगेन्द्र नाथ दुबे ने बताया कि कोरोना की पहली लहर में जो दवाएं बच गई थीं उसे कंपनी ने वापस ले लिया था। यही सोचकर हम लोगों ने इस बार भी कोरोना की दवाओं की किल्लत से बचने के लिए अधिक माल स्टॉक कर लिया था। व्यापारियों का करोड़ो रुपया कोरोना की दवा में फंसा है। दूसरी तरफ तीसरी लहर की तैयारी के लिए पहले से कंपनी को दवा के लिए ऑर्डर भी करना है। पहले आॅर्डर करने पर ही दवाएं समय पर आ पाती है। ऐसे में अब दवा व्यापारियों को ये समझ में नहीं आ रहा है कि बच्चों से रिलेटेड दवाओं की डिमांड करे या ना करें।

गोरखपुर का भलोटिया मार्केट पूर्वांचल की सबसे बड़ी दवा मंडी हैं। यहां पर नेपाल, बिहार समेत महाराजगंज, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, आजमगढ़, मउ, बलिया के व्यापारी थोक में दवा लेने आते हैं। इस मार्केट में डेली करोड़ों रुपए का वारा-न्यारा होता है। दूसरी लहर में कोरोना ने इस तरह कहर मचाया कि दवा मार्केट में दवाओं की डिमांड भी बढ़ गई। इसको देखते हुए भलोटिया मार्केट के व्यापारियों ने कोरोना की सारी दवाएं अधिक मात्रा में स्टॉक कर ली। अचानक जून से ही कोरोना के केस बिल्कुल कम हो गए, जिसके बाद से दवाओं की खरीद भी बंद हो गई। वहीं रेमेडेसिवीर, फेबिफ्लू समेत करोड़ो रुपए की दवा व्यापारियों के यहां डंप पड़ी हुई है। इसमे से कुछ दवाएं दो महीने के अंदर एक्स्पायर हो जाएगी तो कुछ 4 से 6 माह में खराब हो जाएगी।

Related Posts

एस्ट्राजेनेका फार्मा से 151 करोड़ की वसूली पर लगाई रोक

नई दिल्ली। एस्ट्राजेनेका फार्मा से 151 करोड़ की वसूली पर हाई कोर्ट ने रोक लगाई है। दिल्ली उच्च न्यायालय से राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) को अधिक शुल्क की वसूली…

निजी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर दूसरे की डिग्री पर कर रहा था इलाज

अंबिकापुर। निजी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़ हुआ है। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी अस्पतालों में जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

एस्ट्राजेनेका फार्मा से 151 करोड़ की वसूली पर लगाई रोक

  • By Desk
  • November 3, 2026
  • 7 views
एस्ट्राजेनेका फार्मा से 151 करोड़ की वसूली पर लगाई रोक

निजी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर दूसरे की डिग्री पर कर रहा था इलाज

  • By Desk
  • November 3, 2026
  • 7 views
निजी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर दूसरे की डिग्री पर कर रहा था इलाज

मगध फार्मा के प्रतिष्ठान और गोदाम का लाइसेंस रद्द

  • By Desk
  • November 3, 2026
  • 8 views
मगध फार्मा के प्रतिष्ठान और गोदाम का लाइसेंस रद्द

फार्मा कंपनियों पर एनसीबी का शिकंजा, सात राज्यों तक फैला था नेटवर्क

  • By Desk
  • November 3, 2026
  • 7 views
फार्मा कंपनियों पर एनसीबी का शिकंजा, सात राज्यों तक फैला था नेटवर्क

जेनेरिक दवा पर ब्रांडेड लेबल लगा बिक्री करने वालों के ठिकानों पर रेड

  • By Desk
  • November 3, 2026
  • 9 views
जेनेरिक दवा पर ब्रांडेड लेबल लगा बिक्री करने वालों के ठिकानों पर रेड

अंडाणु दान के नाम पर कथित रैकेट का भंडाफोड़

  • By Desk
  • November 2, 2026
  • 17 views
अंडाणु दान के नाम पर कथित रैकेट का भंडाफोड़