सावधान ! बिना लाइसेंस वाले मेडिकल स्टोरों पर पड़ेगी रेड

मैनपुरी। जिले में अवैध रूप से चल रहे मेडिकल स्टोरों पर जल्द ही शिकंजा कसा जाने वाला है। दरअसल, बिना लाइसेंस के चल रहे इन मेडिकल स्टोरों के संचालकों में कार्रवाई का कोई खौफ नहीं है। नोटिस के बाद भी ये धड़ल्ले से दवाओं की बिक्री में जुटे है। अब औषधि विभाग इन स्टोरों पर कार्रवाई करने के लिए बेहतर रणनीति बना रहा है। गौरतलब है कि दवाओं की बिक्री के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) से लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। इसमें भी मरीजों की दवा की बिक्री के लिए फार्मासिस्ट की बाध्यता है। जिले में कई दबंगों ने इन सारे नियम-कानूनों को ताक पर रख दिया है। विभाग ने ऐसे 13 मेडिकल स्टोर्स को चिह्नित किया है, जिन्होंने बार-बार नोटिस देने और मना करने के बाद भी संचालन बंद नहीं किया है।
विभाग को इन मेडिकल स्टोर्स पर नकली दवाओं की बिक्री की भी सूचना मिली है। ये स्टोर संचालक इतने दबंग हैं कि औषधि निरीक्षक भी उनके सामने बेबस हैं। ऐसे में उन्होंने इसकी रिपोर्ट ड्रग लाइसेंसिंग अथॉरिटी आगरा को दी गई है। आगरा से ही सीधे टीम आकर अब इन मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई करेगी। जिले में सबसे अधिक कुसमरा और बेवर में ऐसे मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से अधिकांश मेडिकल स्टोर अस्पतालों के आसपास हैं, जहां रोजाना बड़े पैमाने पर दवाओं की बिक्री होती है। बता दें कि औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल को एक बार पहले भी मेडिकल स्टोर संचालक धमकी दे चुका है। ऐसे में वे भी उच्चाधिकारियों को कार्रवाई में साथ रखना चाहती हैं।
बिना लाइसेंस के संचालित मेडिकल स्टोर किसके हैं, इसकी विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में अगर इन मेडिकल स्टोर की दवाओं से कोई घटना हो जाती है तो कौन जिम्मेदार होगा। हालांकि विभाग तो ऐसे मामलों में एफआईआर कराने की बात कहता है, लेकिन सवाल ये है कि जब ये ही नहीं पता कि मेडिकल स्टोर किसका है तो एफआईआर किसके नाम पर कराई जाएगी। औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल का कहना है कि बिना लाइसेंस के संचालित होने वाले मेडिकल स्टोरों को नोटिस जारी किया गया है। उच्चाधिकारियों को भी सूचना दी गई है। जल्द ही इन पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि आगरा में छह माह पहले एक नकली दवा बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी। इस फैक्टरी के तार सीधे मैनपुरी से जुड़े हुए थे। इस दवा की जो भी बिक्री हुई थी, वह शंकर मेडिकल स्टोर कुरावली के नाम पर हुई थी। ऐसे में मैनपुरी में भी नकली दवाओं की बिक्री से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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