नीमच। झोलाछाप डॉक्टर के फर्जी अस्पताल पर छापेमारी की गई है। बैसला में कुख्यात झोलाछाप डॉक्टर महेश मलिक के खिलाफ दोबारा कड़ी कार्रवाई हुई है। चिकित्सा विभाग की टीम ने महेश मलिक के फर्जी अस्पताल पर उसे सील कर दिया है। यह कार्रवाई ग्रामीणों की उन शिकायतों के आधार पर की गई है। इसमें इस कथित डॉक्टर पर मरीजों से लाखों रुपये ऐंठने और खुलेआम पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगे थे।

बता दें कि महेश मलिक का यह फर्जी अस्पताल विवादों का पुराना केंद्र रहा है। इस झोलाछाप के क्लिनिक पर पूर्व में भी कई बार छापे पड़ चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार वह अपने रसूख और धन-बल के दम पर अपना अवैध गोरखधंधा दोबारा शुरू कर लेता था। इलाके में चर्चा है कि फर्जी तरीके से लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करके इस झोलाछाप डॉक्टर ने बैसला क्षेत्र में करीब 150 से 200 बीघा जमीन खरीद ली है और करोड़ों की अकूत संपत्ति खड़ी कर ली है।

यह है मामला

महेश मलिक मुख्य रूप से ‘मस्से’ का इलाज करने का दावा करता था। इलाज और ऑपरेशन के नाम पर वह खतरनाक रसायनों (केमिकल) का इस्तेमाल करता। भोले-भाले ग्रामीणों से भारी-भरकम फीस वसूलता था। आरोप है कि यह झोलाछाप इलाज के बाद निकलने वाले मेडिकल कचरे का सही तरीके से निपटान करने के बजाय उसे पास के जंगलों में खुलेआम फेंक देता था। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा था, बल्कि मवेशियों और वन्य जीवों के स्वास्थ्य पर भी जानलेवा खतरा मंडरा रहा था।