गया (बिहार)। नशीली दवा कारोबार में पूर्व सांसद के बेटे पर केस दर्ज हुआ है। पूर्व सांसद रंजीत सिंह के घर पर छापेमारी की गई थी। इसमें करीब 25 लाख के कफ सिरप और नींद की गोलियां जब्त की थी। अब इस मामले में उनके बेटे आनंद सिंह का नाम शामिल पाया गया है। उन पर केस दर्ज किया गया है। इस मामले में कुल आठ लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है। अब तक दंपती समेत 6 आरोपितों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी भी की जा रही है। जल्द ही अन्य की गिरफ्तारी भी होगी।

यह है मामला

ड्रग विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की थी। इसमें काफी मात्रा में दवाई बरामद हुई थी। इस मामले में औषधि निरीक्षक सुनील कुमार के बयान पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस केस में पूर्व सांसद के बेटे आनंद सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जिस मकान से नशीली दवाओं का कारोबार चल रहा था, वह आनंद सिंह का है। आनंद सिंह ने बिना किसी सत्यापन के विकास कुमार को मकान किराए पर दिया था। बाद में इस मकान में अवैध नशीली दवाओं का कारोबार चल रहा था।

आनंद सिंह को इस मामले की सूचना थी। इस पूरे नेटवर्क में आनंद सिंह की भी भूमिका संदिग्ध है। जांच की जा रही है कि कहीं इस कारोबार में आनंद सिंह भी तो सहयोगी नहीं हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच चल रही है। पूरे नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है। इस मामले में विकास कुमार उनकी पत्नी रूबी देवी, कुणाल कुमार राजेश कुमार उर्फ मुखिया ,मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।