शिमला (हिमाचल प्रदेश)। दवा उद्योग को प्रदूषण फैलाने पर एनजीटी ने नोटिस थमाया है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने सोलन जिले के कसौली क्षेत्र में स्थित दवा कंपनी के विरुद्ध आवेदन पर सुनवाई की। इस मामले में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। यह आवेदन लेक सिंह द्वारा एमएस मोरेपन लैबोरेटरी एवं अन्य के विरुद्ध दायर किया गया है। इसमें पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।
आरोप है कि संबंधित औषधि निर्माण इकाई द्वारा जेनरेटर व औद्योगिक मशीनरी से अधिक ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न हो रहा है। इस संबंध में ध्वनि निगरानी रिपोर्ट पर भरोसा किया गया है। इसके अतिरिक्त इकाई ने निर्धारित मानकों से अधिक मात्रा में औद्योगिक अपशिष्ट का उत्सर्जन कर रही है। इससे पर्यावरण प्रदूषण हो रहा है। साथ ही सिंचाई जल के अनधिकृत औद्योगिक उपयोग का भी आरोप लगाया है।
इसी विषय में सिविल जज, कसौली (सोलन) के समक्ष भी वाद दायर किया था। इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इस विषय में उचित उपाय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के समक्ष उपलब्ध है। प्राधिकरण ने मामले में सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। प्रतिवादी संख्या 1 की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता ने नोटिस स्वीकार किया है।चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने की अनुमति दी गई है।










