डेराबस्सी (पंजाब)। नकली आयुर्वेदिक दवा के निर्माण और बिक्री से जुड़े एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने कई नामजद और अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। लोकप्रिय आयुर्वेदिक ब्रांडों नूरानी तेल और राहत के नाम से नकली उत्पाद बाजार में बेचे जा रहे थे।

यह है मामला

आयुर्वेदिक दवा निर्माता कंपनी ”राहत हर्बल रेमेडीज” के प्रोडक्शन मैनेजर ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी कानूनी रूप से पंजीकृत आयुर्वेदिक दवाइयां बनाती है। ये दवाएं बाजार में ट्रेडमार्क के तहत नूरानी तेल और राहत के नामों से बिकती हैं।

आरोप है कि कुछ लोग उनके उत्पादों के नाम की नकल कर रहे थे। वे डेराबस्सी के हंसा पार्क में नकली दवाइयां बना रहे थे। यह ट्रेडमार्क और कॉपीराइट का उल्लंघन है। साथ ही आम लोगों की सेहत के लिए भी खतरनाक है। जांच में खुलासा हुआ कि उक्त फैक्टरी का ड्रग लाइसेंस 1 जून 2026 से निलंबित था। इसके बावजूद आरोपी अवैध रूप से फैक्टरी चलाकर उत्पादन कर रहे थे। जानकारी मिलते ही ड्रग इंस्पेक्टर ज्योति बबर ने फैक्टरी पर छापा मारा। इस दौरान भारी मात्रा में नकली सामग्रियां जब्त की गईं। फैक्टरी को मौके पर ही सील कर दिया गया।

पुलिस ने संदिग्धों के नाम लाफिया, अरशद, सोनिका और पीयूष बताए हैं। ये सभी जीरकपुर व उसके आसपास के इलाके के निवासी हैं। संदेह है कि इस गोरखधंधे में कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं।