ब्यावर(कैलाश शर्मा):- खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय राजस्थान द्वारा जारी एक नए आदेश के बाद ब्यावर जिले में औषधि नियंत्रण विभाग के अतिरिक्त प्रभारों में बड़ा बदलाव किया गया है। आयुक्तालय के आदेश क्रमांक 71 में आंशिक संशोधन करते हुए ब्यावर जिले से संबंधित अतिरिक्त चार्ज नए अधिकारियों को सौंपे गए हैं, जिससे अब प्रशासनिक और भौगोलिक व्यावहारिकताओं पर सवाल उठने लगे हैं।
किसे मिला कौन सा प्रभार?
* सहायक औषधि नियंत्रक (ADC): आयुक्तालय मुख्यालय के श्री सुभाष चन्द्र मुटनेजा के स्थान पर अब श्री सुनील कुमार मित्तल (सहायक औषधि नियंत्रक, जालोर) को ब्यावर जिले का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।
* औषधि नियंत्रण अधिकारी (DI): अजमेर की औषधि नियंत्रण अधिकारी श्रीमती मोनिका जाग्रत के स्थान पर अब श्री माधव सिंह (औषधि नियंत्रण अधिकारी, पाली) को तुरंत प्रभाव से ब्यावर का प्रभार सौंपा गया है।
अजमेर ज़ोन का हिस्सा, पर प्रभार दूसरे ज़ोन के पास:
इस आदेश का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि ब्यावर जिला प्रशासनिक रूप से अजमेर ज़ोन के अंतर्गत आता है। ऐसे में अजमेर ज़ोन के ही अधिकारियों के पास ब्यावर का प्रभार रहना कामकाज के लिहाज से हर तरह से सुगम और तार्किक था। लेकिन नए आदेश के तहत ब्यावर का जिम्मा जालोर और पाली के अधिकारियों को दे दिया गया है, जो प्रशासनिक और व्यावहारिक तालमेल बिठाने में दिक्कत पैदा करेगा।
भौगोलिक दूरी बढ़ाएगी दवा व्यापारियों की परेशानी:
स्थानीय जानकारों और दवा व्यवसायियों का कहना है कि ब्यावर से अजमेर की दूरी बेहद कम है, जिससे विभागीय काम, फाइलों का मूवमेंट और लाइसेंसिंग से जुड़े काम तेजी से होते थे। इसके विपरीत, ब्यावर से पाली और जालोर दोनों ही काफी दूर हैं।
अब इतनी अधिक दूरी होने के कारण जालोर और पाली में बैठे अधिकारियों के लिए ब्यावर के मेडिकल स्टोर संचालकों की समस्याओं का समय पर निपटारा करना, नियमित मॉनिटरिंग करना या किसी शिकायत पर तुरंत आकस्मिक कार्रवाई करना व्यावहारिक रूप से बहुत मुश्किल हो जाएगा। इस फेरबदल के कारण स्थानीय दवा व्यापारियों को अपने जरूरी कामों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होगी।










