नई दिल्ली। कैंसर के इलाज वाली दवाएं सस्ती हो गई हैं। कई दवाओं की कीमतों में 93 फीसदी तक की कटौती की गई है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 543 दवा ब्रांडों की एमआरपी में संशोधन किया है। नई कीमतें नौ नवंबर से लागू होंगी। यह कदम 137 गैर-अनुसूचित दवाओं पर मार्जिन 30 फीसदी तक सीमित करने के फैसले के तहत उठाया है। इसका उद्देश्य दवा सप्लाई चेन में मुनाफे को सीमित करना है। इससे मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया हो पाएंगी।
करीब 93.3 फीसदी की कमी आई
सबसे बड़ी कटौती स्तन कैंसर की दवा पैल्बोसिक्लिब के कुछ ब्रांडों में हुई है। इसकी कीमत में करीब 93.3 फीसदी की कमी आई है। इसी दवा के आइसोजेन ब्रांड की 100 मिलीग्राम की पैकिंग की कीमत भी 91.6 फीसदी घटाई गई है। थियोटेपा के सैमटेपा ब्रांड की 100 मिलीग्राम की एक शीशी की कीमत 80,071.86 से घटाकर 7,150.33 रुपये कर दी है। इससे प्रति शीशी करीब 72,922 रुपए की बचत होगी। वहीं, स्तन कैंसर की दवा एनास्ट्रोजोल के वोमाजोल ब्रांड की कीमत 458.85 से घटाकर 39.52 रुपये कर दी है।
डासैटिनिब, लेंवाटिनिब, अबिराटेरोन और ओलापैरिब जैसी दवाओं की कीमतें भी कम हुई हंै। इसके बावजूद कई महंगी दवाओं की एमआरपी में बदलाव नहीं हुआ है। इम्यूनोथेरेपी दवा कीट्रूडा की कीमत 2,16,500 रुपए बरकरार है। यह दवा 21 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होती है। इसी तरह, स्तन कैंसर की दवा राइबोसिक्लिब के क्राइक्साना ब्रांड की कीमत 24,435 रुपये बनी हुई है। टैगिसो, टेकेंट्रिक, डार्जालेक्स और इम्फिन्जी की सूचीबद्ध कीमतों में भी बदलाव नहीं हुआ है।




