नई दिल्ली। इंसुलिन और महंगी दवाओं में डिस्टिल्ड वाटर-स्टार्च का पर्दाफाश हुआ है। नकली दवाओं का नेटवर्क राष्ट्रीय राजधानी में अब उच्च स्तर पर पहुंच गया है। महंगी और लाइफ-सेविंग दवाओं में असली दवा तत्व (एपीआइ) व इंसुलिन गायब है। वहीं, सलाइन, डिस्टिल्ड वाटर और स्टार्च जैसे सस्ते पदार्थ भरे मिले हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरी तरह नकली दवा का मामला है। इसमें दवा का बाहरी रूप असली होता है। अंदर की सामग्री बेअसर या खतरनाक होती है। नकली दवाओं का यह नेटवर्क अब मरीजों पर मुनाफे का खतरा बन गया है। यहां उपचार की जगह मरीजों को धोखा मिल रहा है।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के ड्रग अलर्ट रिपोर्ट में 194 दवाएं एनएसक्यू पाई गईं। पैरासिटामोल व पेंटाप्राजोल जैसी आम दवा भी इनमें शामिल थीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार लगभग 10 प्रतिशत तक दवा सबस्टैंडर्ड या फाल्सिफाइड पाई जाती हैं। ये सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं।