नई दिल्ली। विदेशी दवाओं की भारत में एंट्री आसान होने जा रही है। इसके लिए लागू नियमों में बड़ा बदलाव हो सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने संशोधन का मसौदा जारी किया है। इस पर आम लोगों व संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। अभी तक आयात की जाने वाली दवा की शेल्फ लाइफ का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बचा होना जरूरी था। अब सरकार इस नियम को आसान बनाते हुए प्रस्ताव लाई है।

दवा के भारत पहुंचने के समय उसकी एक्सपायरी में 12 महीने बाकी होने चाहिए। बायोलॉजिकल जैसी विशेष श्रेणी की दवाओं के लिए पुराना नियम ही लागू रहेगा।

इसका फायदा यह होगा कि कई जरूरी दवाएं आसानी से भारत पहुंच सकेंगी। मरीजों को जरूरी दवाएं समय पर मिलने की संभावना बढ़ी है। सरकार ने इस मसौदे पर सभी हितधारकों से सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं। सुझाव निर्धारित अवधि के भीतर स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजे जा सकते हैं। इसके बाद ही अंतिम नियम जारी किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। दवा आपूर्ति श्रृंखला अधिक प्रभावी बनेगी। दवाओं की बर्बादी कम होगी। वहीं, देश में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बेहतर होगी। मरीजों को भी पर्याप्त शेल्फ लाइफ वाली दवाएं मिलती रहेंगी।