कानपुर (यूपी)। कैंसर के नाम पर फर्जी इलाज का भंडाफोड़ हुआ है। तकसीमपुर गांव में कैंसर के इलाज के नाम पर मरीजों के साथ धोखाधड़ी की गई। यहां एक फर्जी आरके फार्मेसी पर रेड की गई। इस दौरान दो लोगों को नोटिस जारी किया गया है।
इस फर्जीवाड़े की शुरुआत वैद्य राकेश कुमार राजपूत ने की थी। वह कैंसर का आयुर्वेदिक तरीके से इलाज का दावा करता था। दूर-दूर से मरीज यहां इलाज के लिए आते थे।
वैद्य की मौत के बाद भी यह अवैध काम बंद नहीं हुआ। वैद्य के रिश्ते के भांजे ने इसकी जिम्मेदारी संभाल ली। इसे मरीजों को ठगने का जरिया बना दिया। बिना किसी वैध डिग्री के वहां आरके फार्मेसी का बोर्ड लगा था। देवेंद्र कुशवाहा बिना डॉक्टरी योग्यता के मरीजों को संदिग्ध दवाइयां दे रहे थे। इस अवैध क्लिनिक से लाखों की गैरकानूनी कमाई हो रही थी। इस मामले को शिव शक्ति अखाड़ा निरंजनी कानपुर प्रांत ने उठाया। सह प्रांत संयोजक शुभम शौर्य अग्निहोत्री ने फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दी।
शिकायत को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रेड की। मौके से नकली और बिना लाइसेंस की दवाइयां मिलीं। जांच में पता चला कि क्लिनिक बिना सही रजिस्ट्रेशन के चल रहा था। एसीएमओ कैलाश चंद्र ने बताया कि दो लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद कानूनी कार्रवाई होगी। कार्यवाही से क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है।










