बदलापुर (महाराष्ट्र)। अवैध फर्टिलिटी इंजेक्शन रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इसकी जांच के लिए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से आग्रह किया है। इस मामले के बाद राज्यव्यापी दवा आपूर्ति जांच की मांग भी उठाई गई है।
यह है मामला
अनधिकृत आईवीएफ प्रक्रियाओं का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ये प्रक्रियाएं ठाणे से नियामक निगरानी और चिकित्सा नैतिकता की अनदेखी करते हुए हुई थीं। अधिकारियों से पूछा गया है कि ओवेरियन स्टिमुलेशन इंजेक्शन कैसे अवैध चिकित्सा ढांचे के बाहर जाकर दी जा रही थीं। , ये सहायक प्रजनन उपचारों में इस्तेमाल होने वाली कड़ाई से विनियमित दवाएं हैं। इन इंजेक्शन का प्रयोग आमतौर पर नियंत्रित नैदानिक परिस्थितियों में किया जाता है।
इनकी बिक्री, भंडारण और वितरण के लिए लाइसेंस प्राप्त संचालन जरूरी है। इनका सटीक रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य है। इन मानदंडों का कोई भी उल्लंघन कानूनी उल्लंघन है। इससे संवेदनशील प्रजनन दवाओं की अवैध खरीद चिंताएं उत्पन्न हुई हैं। इसके चलते मुंबई-ठाणे क्षेत्र में दवा आपूर्ति श्रृंखला की व्यापक जांच की तत्काल मांग उठाई गई है।










