चंडीगढ़। नशीली दवा लाइसेंस प्राप्त दवा विक्रेता को हाई कोर्ट ने बरी कर दिया है। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत यह फैसला सुनाया।

न्यायमूर्ति एचएस ग्रेवाल ने याचिकाकर्ता अनिल कुमार कौशिक को बरी किया है। अनिल ने फरीदकोट में विशेष न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश को रद्द करने की मांग की थी। दिल्ली में एक मेडिकल स्टोर मालिक ने बरी होने की मांग की थी। इसमें फरीदकोट जिले के कोटकापुरा सिटी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।
हरजिंदर सिंह उर्फ काला का नाम एफआईआर में जोड़ा गया था। उसे जसपाल सिंह उर्फ रिंकू के साथ वाहन में 31,020 नशीली गोलियां ले जाने पर गिरफ्तार किया था।

याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। कथित अपराध से उनका कोई संबंध नहीं है। कथित तौर पर अपराधिक वाहन से बरामद की सामग्री से उसे जोडऩे वाले स्वतंत्र साक्ष्य मौजूद हैं। पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने फरीदकोट के विशेष न्यायाधीश द्वारा याचिकाकर्ता को एफआईआर में बरी करने के आदेश को रद्द करने और मामले में शेष आरोपियों के खिलाफ मुकदमे को जारी रखने का आदेश दिया।