नई दिल्ली। नशीली दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। जहांगीरपुरी में अवैध रूप से नशीली दवाओं का धंधा करने वाले चार सगे भाई-बहनों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां, लाखों की नकदी और करोड़ों की अवल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस को सूचना मिली थी कि जहांगीरपुरी में कुछ लोग नशीली दवा की सप्लाई कर रहे हैं। उक्त सूचना पर टीम ने जांच शुरू कर दी थी। पुलिस टीम ने जहांगीरपुरी के डी-ब्लाक से सबसे पहले दो बहनों पारो और ऊषा को दबोचा। उनकी निशानदेही पर चार ठिकानों पर छापेमारी की गई। पहली छापेमारी मकान नंबर डी-177 में की गई। यहां से कांता नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया। उसके घर की तलाशी में 1300 प्रतिबंधित एडनाक-एन टैबलेट्स, 310 एविल इंजेक्शन, 652 सुइयां व सिरिंज और 1.25 लाख कैश बरामद हुआ।

दूसरी छापेमारी मकान नंबर डी-191, भूतल पर की गई। वहां से ऊषा नाम की महिला को गिरफ़्तार किया गया। इसके किचन से 25 एविल इंजेक्शन बरामद किए गए। तीसरी छापेमारी मकान नंबर डी-191, पहली मंजिल पर की गई। यह मकान इनके सहयोगी सचिन उर्फ चाणक्य का था, जो फरार था। पुलिस ने कटर मशीन से ताला तोड़ा। अंदर से 16 बाॅक्स में रखे 400 एविल इंजेक्शन, 1880 सिरिंज और 63 हजार नकदी बरामद की। चौथी छापेमारी मकान नंबर डी-178: में की गई।

यह घर इनके भाई अमित का था। यहां से पुलिस ने अमित को गिरफ्तार किया। इसके घर की तलाशी में भारी मात्रा में नकदी और ज्वेलरी बरामद की गई। गिरफ्तार किए चारों ड्रग्स तस्कर सगे भाई-बहन हैं। ये सभी जहांगीरपुरी के ही रहने वाले हैं। पारो, इस पूरे सिंडिकेट की मास्टरमाइंड है। चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।