देश के 40 शहरों में शुरु हुआ अपोलो चिल्ड्रेन्स

देश के 40 शहरों में शुरु हुआ अपोलो चिल्ड्रेन्स

Child Health Care: अपोलो अस्पताल बीते 40 सालों से देश में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था और उपचार उपलब्ध  करवा रहा है। अब देश में तमाम बच्चों को बेहतरीन इलाज मिल सके इसके लिए ‘अपोलो चिल्ड्रेन्स’ (Child Health Care) लॉन्च किया है। इसके जरिए गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चों को बेहतर इलाज मिलेगा।

40 से ज्यादा अस्पताल इस नेटवर्क का हिस्सा होंगे (Child Health Care) 

देश में मौजूद 40 से अधिक अस्पताल इस नेटवर्क का हिस्सा होंगे। यहां 25 से ज्यादा विशेष देखभाल के लिए 400 से ज्यादा विशेषज्ञ डॉक्टर अपने अनुभव और ज्ञान के जरिए बाल चिकित्सा को एक नए मुकाम पर लेने जाने का प्रयास करेंगे। 900 से ज्यादा बिस्तरों की क्षमता वाले इस नेटवर्क में सातों दिन, 24 घंटे बच्चों के लिए बेहतर चिकित्सा उपलब्ध होगी। साथ ही साथ यहां पर आपातकालीन सेवाएं भी संचालित होगीं।

अपोलो चिल्ड्रेन नेटवर्क में जन्मजात विकारों के साथ इन बीमारियों का इलाज

अपोलो चिल्ड्रेन नेटवर्क में जन्मजात विकारों के साथ बच्चों के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, लिवर, न्यूरो डेवलपमेंटल का इलाज होगा इसके अतिरिक्त यहां पर किडनी, ऑन्कोलॉजी और लिवर प्रत्यारोपण के साथ हृदय संबंधी बीमारियों का इलाज भी  संभव होगा। आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता से सुसज्जित अपोलो चिल्ड्रेन्स नेटवर्क की प्राथमिकता जरूरतमंद बच्चों को उच्चतम गुणवत्ता वाली देखभाल प्रदान की जायेगी। इसके साथ ही, व्यापक दृष्टिकोण के साथ परिवार-केंद्रित देखभाल पर जोर देते हुए देश में सर्वोत्तम बाल चिकित्सा देखभाल मुहैया कराने का प्रयास किया जायेगा।

अपोलो में 50 से अधिक देशों के बच्चों को विश्व स्तरीय देखभाल

इस खास मौके पर देश में बच्चों से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव पर जोर देते हुए अपोलो के अध्यक्ष डॉ. प्रताप सी रेड्डी ने कहा, बाल चिकित्सा देखभाल की बात करें तो पिछले 40 सालों में अपोलो एक शानदार प्रतिष्ठा बनाने में सक्षम रहा है। हमारे प्रयासों के चलते अपोलो में न केवल भारत बल्कि 50 से अधिक देशों के बच्चों को विश्व स्तरीय देखभाल दी जा रही है। हमारे कुशल बाल रोग विशेषज्ञों के साथ अपोलो चिल्ड्रेन्स को एक वन-स्टॉप डेस्टिनेशन के रूप में डिजाइन किया है जहां बच्चों को उनके स्वास्थ्य के सभी पहलुओं में उच्चतम गुणवत्ता वाली देखभाल मिलेगी। बच्चों के विकास के पूरे स्पेक्ट्रम को कवर करने की आवश्यकता है। इसलिए हमारा लक्ष्य बच्चों को बहुआयामी और सबसे उन्नत देखभाल प्रदान करना है ताकि नए मानक स्थापित किए जा सकें।

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