आतंकियों तक पहुंची दवा, दो कंपनियों के लाइसेंस कैंसिल

अमृतसर। आइएस आतंकियों तक ट्रामाडोल दवा भिजवाने में शामिल रही अमृतसर की दो दवा कंपनियों के लाइसेंस कैंसिल कर दिए गए हैं। आरोप है कि 24 लाख टेबलेट हवाई मार्ग के जरिए इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को मिली। इसकी जांच जांच जारी है। यह दर्द निवारक दवा नशे के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल होती है। डिप्टी ड्रग कंट्रोलर गुरविंदर सिंह ने इस बात की पुष्टि की कि यह दवा आइएस आतंकियों तक पहुंची है। जानकारी के अनुसार, इन दोनों कंपनियों ने पिछले वर्ष ये दवाएं दुबई की एक फर्म को भेजी थीं। दुबई की बजाय यह दवा लीबिया पहुंच गईं। सूचना मिलने पर पंजाब सरकार समेत खुफिया विभाग में हडक़ंप मच गया था।
मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू की गई। पिछले दिनों चंडीगढ़ से आई ड्रग एंड कॉस्मेटिक विभाग की टीम ने दोनों कंपनियों के मालिकों से पूछताछ भी की। अंतत: विभाग ने फौरी कार्रवाई करते हुए दोनों कंपनियों को ट्रामाडोल दवा बनाने पर रोक लगा दी है। ट्रामाडोल को अफीम का विकल्प भी माना जाता है। बताया जा रहा है कि यह दवा इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों की पहली पसंद है। इस्लामिक आतंकी इस दवा को फाइटर कहते हैं। भारत में एक गोली की कीमत तीन रुपये है, जबकि इस्लामिक स्टेट में यह 200 रुपये प्रति गोली बिकती है।