कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। स्वास्थ्य विभाग ने 100 करोड़ के ब्लड बैंक घोटाले का भंडाफोड़ किया है। निजी रक्त बैंकों से जुड़ी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का पर्दाफाश किया है। स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी ने दावा किया कि कथित घोटाला 100 करोड़ से अधिक का हो सकता है।
विभाग की जांच के दायरे में आए कई निजी ब्लड बैंकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री से इस मामले पर चर्चा करेंगे। निरीक्षकों द्वारा गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद हेल्थ प्वाइंट ब्लड बैंक को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। उसे रक्त एकत्र करने या रक्त और रक्त उत्पादों को संभालने से प्रतिबंधित कर दिया है।
निरीक्षणों से रक्त संग्रह और प्रसंस्करण में व्यापक अनियमितताओं का पता चला है। इसमें रक्तदाताओं और दान शिविरों के आयोजकों को आकर्षित करने के लिए महंगे उपहारों का उपयोग शामिल है।
कई क्लबों और दुर्गा पूजा समितियों के आयोजकों ने स्वीकार किया कि वे दान में मिले पैसों से ब्लड बैंक चुनते थे। आंकड़ों से पता चलता है कि हावड़ा के बागनान में एक शिविर में 476 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इस आंकड़े को चिकित्सकीय रूप से अविश्वसनीय बताया।
कई रक्त बैंकों में स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया है। इसके चलते हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी के पीडि़तों को भी रक्तदान की अनुमति मिल गई है। निजी रक्त बैंकों को दाता कार्ड धारकों को मुफ्त रक्त उपलब्ध कराना अनिवार्य है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रावधान का पालन शायद ही कभी किया जाता है।








