बिजनौर (यूपी)। तीन एंटीबायोटिक दवा के सैंपल जांच में फेल मिले हैं। जिले में अक्सर दवाइयों के सैंपल फेल आते रहते हैं। अब फिर से तीन एंटीबायोटिक दवाइयां जांच में अमानक मिली हैं। दो मामलों में औषधि निरीक्षक ने कोर्ट में केस करा दिया है। एक मामले की विवेचना चल रही है।
यह है मामला
औषधि निरीक्षक पीयूष शर्मा ने बताया कि तीन एंटीबायोटिक दवा के सैंपल जांच में फेल मिले हैं। शोनक्लेव 625 एलबी टैबलेट एक कॉम्बिनेशन एंटीबायोटिक दवा है। इसका नमूना फेल आया है। इसका उपयोग बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज के लिए होता है। इस दवा का नमूना नजीबाबाद के रियान मेडिकोज से लिया था। इसका निर्माण सिस्टोलिक रेमीडीज सिरमौर कंपनी ने बनाया। वीडोक्लाव इंजेक्शन का नमूना भी जांच में फेल निकला।
इसका उपयोग बैक्टीरिया से होने वाले गंभीर संक्रमणों के इलाज में होता है। इसका नमूना एचएमएच फार्मेसी नजीबाबाद से लिया था। यह दवा प्रोटेक टेलीलिंक सिरमौर कंपनी में बनी थी। किटोजोक्स-डीटी टैबलेट का सैंपल भी जांच में फेल निकला। इस दवा का प्रयोग सर्जरी के बाद होने वाले दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव या मोच में किया जाता है। यह नमूना चौधरी मेडिकल हॉल, पालिका मार्केट बिजनौर से लिया था। इसका निर्माण अल्ट्राटेक फार्मास्यूटिकल्स सोलन कंपनी में हुआ था।
पहले भी जांच में फेल हो चुके हैं सैंपल
इसी साल एसिडिटी के इलाज में काम आने वाला रोजी-डीएसआर कैप्सूल का नमूना जांच में फेल मिला था। 2025 में वोरसेफ-200 एलबी टैबलेट का नमूना जांच में नकली मिला था। औषधि निरीक्षक पीयूष शर्मा ने कहा कि शोनक्लेव 625 एलबी टैबलेट, वीडोक्लाव इंजेक्शन के नमूने फेल मिले हैं। कोर्ट में केस दायर कर दिया है। किटोजोक्स-डीटी टैबलेट का सैंपल फेल आने पर विवेचना चल रही है। जल्द ही केस दायर किया जाएगा।





