मुंबई। Torrent Pharma की JB Chemicals के साथ डील लगभग फाइनल हो गई है। इस ₹25,689 करोड़ की डील के बाद टोरंटो भारत की दूसरी सबसे बड़ी फार्मा कंपनी बन जाएगी। Torrent , JB Chemicals & Pharmaceuticals के साथ अपने मर्जर को लगभग पूरा करने वाला है।

Torrent Pharma अपनी मर्जर की राह पर अंतिम चरण में पहुंच गई है। ₹25,689 करोड़ की इस डील के बाद Torrent की दूसरी सबसे बड़ी फार्मा कंपनी बन जाएगी। सिर्फ Sun Pharmaceuticals से पीछे।

इस मर्जर को Competition Commission of India और दोनों कंपनियों के शेयरधारकों से मंजूरी मिल चुकी है। Torrent Pharma ने JB Chemicals पर ऑपरेशनल कंट्रोल भी शुरू कर दिया है।

डोमेस्टिक मार्केट पर फोकस

इस मर्जर का मुख्य लक्ष्य भारतीय बाजार में कंपनी की पकड़ मजबूत करना है। यह JB Chemicals के डोमेस्टिक ब्रांड्स को Torrent की CV और CNS थेरेपी में मजबूत उपस्थिति के साथ जोड़ेगा। Torrent Pharma पहले से ही CV और CNS सेगमेंट में लीडर है। अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बना रही है। खासकर कार्डियक सेगमेंट में, जो मर्जर के बाद लगभग 11% तक पहुंच सकती है। यह कदम डोमेस्टिक ग्रोथ को बढ़ावा देने पर जोर देता है। जबकि इंटरनेशनल बिजनेस भी महत्वपूर्ण रहेगा।

वैल्यूएशन और इंटीग्रेशन की चिंताएं

रणनीतिक फायदों के बावजूद, इस मर्जर में कुछ चुनौतियां भी हैं। दोनों ही कंपनियां हाई वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रही हैं। हालिया तिमाही नतीजों से चिंताएं बढ़ी हैं। Torrent Pharma के फाइनेंशियल स्टेबल रहे हैं महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन रिस्क मौजूद हैं। भारतीय फार्मा सेक्टर रेगुलेटरी जांच, प्राइस कंट्रोल और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का भी सामना कर रहा है। Torrent Pharma का एवरेज एनालिस्ट प्राइस टारगेट लगभग ₹4,555 है। जो मर्जर के बाद मजबूत परफॉर्मेंस देने के दबाव को दर्शाता है।