दवा निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा उत्तर -प्रदेश , दवा निर्माण के लिए कच्चा माल तैयार करने के लिए बल्क ड्रग पार्क बनाने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर -प्रदेश अब दवा निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। इसके तहत प्रदेश में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। बुंदेलखंड के ललितपुर में दवा निर्माण के लिए जरूरी कच्चा माल तैयार करने के लिए बल्क ड्रग पार्क बनाने की तैयारी है। इससे हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराकर निवेशकों को आकर्षित करने की योजना है। माना जा रहा है कि बल्क ड्रग पार्क के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए लगभग तीन हजार करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी।

इसमें से लगभग एक हजार करोड़ रुपये की मदद केंद्र से मांगी गई है। शेष रकम की व्यवस्था खुद राज्य सरकार करेगी। इस ड्रग पार्क से सिर्फ यूपी नहीं बल्कि देश के अन्य राज्य की दवा कंपनियों को भी एपीआई की आपूर्ति की जा सकेगी। ऐसे में चीन से एपीआई का आयात नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश में हर साल 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की दवाएं और चिकित्सा उपकरणों की खपत होती है। यूपी इसके लिए पूरी तरह से दूसरे राज्यों पर निर्भर है। इसके मद्देनजर प्रदेश में दवा निर्माण के लिए बड़ी फॉर्मा कंपनियों को जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराने की योजना है।

वर्तमान में दवा निर्माण के लिए जरूरी एक्टिव फॉर्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (एपीआई) चीन से आयात होता है। इसके लिए दवा निर्माताओं को परेशान न होना पड़े, इसलिए ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क बनाने की तैयारी है। इसके लिए दो हजार एकड़ जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। वहीं, संबंधित प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। वहां से आर्थिक व तकनीकी मदद के लिए हरी झंडी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही यूपी को दवा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी भारत सरकार के पूर्व ड्रग जनरल कंट्रोलर ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) डॉ. जीएन सिंह को सौंपी गई है।

उनकी तैनाती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार के रूप में की गई है। डॉ. सिंह बल्क ड्रग पार्क, फॉर्मा पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने वाली टीम से जुड़े हैं। बता दें कि ग्रेटर नोएडा में 350 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क को विकसित करने का कार्य चल रहा है। इस पार्क को जेवर एयरपोर्ट के पास विकसित किया जा रहा है। यहां चिकित्सीय उपकरणों का निर्माण होगा, जो प्रदेश के साथ ही देश के लिए उपलब्ध होंगे। उधर, सहारनपुर में 200 एकड़ भूमि में फॉर्मा पार्क बनाने की योजना पर कार्य हो रहा है।

 

 

 

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