मेडिसोशलप्लस एप बताएगा दवाओं का पता, शहर के सभी पंजीकृत मेडिकल स्टोरों से रहेगी कनेक्टिविटी

वाराणसी। लाकडाउन में बीमार लोगों के लिए दवाओं की किल्लत व उपलब्धता की समस्या को देखते हुए कंप्यूटर साइंस में बीटेक के छात्र अथर्व श्रीवास्तव ने एक एक ऐसा ऐप तैयार किया, जो लोगों को दवाओं का पता बताएगा। यानि दवा किस मेडिकल स्टोर पर मिल जाएगी, इसका पता कोई भी घर बैठे आसानी से लगा सकता है। यह ऐप मोबाइल, स्मार्टफोन, लैपटाप जैसे सभी उपकरणों के लिए उपयुक्त है। इसके लिए केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी की आवश्यकता है। दरअसल अथर्व के विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्रों ने एक ऐप डिजाइन किया था, जिसमें रजिस्टर करने पर शहर में चाट की दुकानों का स्थान पता चलता है। उन्होंने जब लाकडाउन में बीमारों का हाल देखा तो इसे दवाओं के उपयोग के लिए तैयार किया।

बतादें कि मेडिसोशलप्लस किसी भी उपयोगकर्ता या मेडिकल स्टोर के संचालक के लिए निश्शुल्क उपलब्ध है। इसकी डाउनलोडिंग या उपयोग के लिए किसी प्रकार कोई शुल्क नहीं चार्ज किया जाता है। गौरतलब है कि अथर्व ने खुद से तैयार एप को नाम दिया है मेडीसोशलप्लस ऐप। इसका उद्देश्य आपकी जरूरत की दवा को आप तक आपको और आपके आसपास के मेडिकल स्टोर को जोड़ कर पहुंचाना है। इस ऐप पर दवा का नाम और रैपर की फोटो (यदि उपलब्ध हो) तो अपलोड करके पोस्ट करें। इससे वह ऐप पर पंजीकृत सभी मेडिकल स्टोर पर दिख जाएगा। यदि मेडिकल स्टोर पर वह दवा उपलब्ध है तो स्टोर संचालक एप्लीकेशन में कनेक्ट बटन के माध्यम से आपसे जुड़ जाएगा। उसे क्लिक करने पर आपको मेडिकल स्टोर के नाम, पता और संपर्क नंबर के साथ आपके मोबाइल नंबर पर संदेश प्राप्त होगा।

आप अपने आसपास के मेडिकल स्टोर को पंजीकृत करने और इसके साथ जुड़े रहने के लिए मेडीसोशलप्लस ऐप से जुड़ सकते हैं। आप यदि किसी मेडिकल स्टोर के मालिक हैं तो अपने स्टोर को पंजीकृत करने के लिए ऐप का उपयोग कर सकते हैं और अपने संदेश बॉक्स में जुड़े हुए ग्राहकों के सीधे अपडेट प्राप्त कर सकते हैं। यदि आपके पास वह दवा है तो उनके पोस्ट का जवाब दे कर उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। इस ऐप को बनाने वाले मऊ नगर के निजामुद्दीनपुरा निवासी एबीईएस इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक के छात्र अथर्व श्रीवास्तव बताते हैं कि लाकडाउन के दौरान गंभीर रूप से बीमार लोगों की बहुत सी दवाएं छोटे शहरों के हर मेडिकल हाल पर उपलब्ध नहीं थीं।

बाहर या दूर लोग जा नहीं सकते थे। तभी मेरे मन में यह विचार आया कि एक ऐसा एप्लिकेशन तैयार करूं, जिससे लोगों की यह समस्या हल हो जाय। इसके बाद तो मैं इसकी तैयारियों में जुट गया। नेट पर इससे संबंधित अध्ययन अध्ययन शुरू कर दिया। विभिन्न पाठयक्रमों से वेब डेवलपमेंट सीखा। बनाने के लिए जावा स्क्रिप्ट की लाइब्रेरीज जैसे रिएक्टडाटजेएस (फ्रंटएंड के लिए) के लिए, नोडडाटजेएस (बैकएंड के लिए) और डेटाबेस के लिए मोंगोडीबी का प्रयोग किया। इसके अलावा विभिन्न एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस का भी उपयोग किया है।

 

Related Posts

एस्ट्राजेनेका फार्मा से 151 करोड़ की वसूली पर लगाई रोक

नई दिल्ली। एस्ट्राजेनेका फार्मा से 151 करोड़ की वसूली पर हाई कोर्ट ने रोक लगाई है। दिल्ली उच्च न्यायालय से राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) को अधिक शुल्क की वसूली…

निजी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर दूसरे की डिग्री पर कर रहा था इलाज

अंबिकापुर। निजी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़ हुआ है। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी अस्पतालों में जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

एस्ट्राजेनेका फार्मा से 151 करोड़ की वसूली पर लगाई रोक

  • By Desk
  • November 3, 2026
  • 9 views
एस्ट्राजेनेका फार्मा से 151 करोड़ की वसूली पर लगाई रोक

निजी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर दूसरे की डिग्री पर कर रहा था इलाज

  • By Desk
  • November 3, 2026
  • 11 views
निजी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर दूसरे की डिग्री पर कर रहा था इलाज

मगध फार्मा के प्रतिष्ठान और गोदाम का लाइसेंस रद्द

  • By Desk
  • November 3, 2026
  • 12 views
मगध फार्मा के प्रतिष्ठान और गोदाम का लाइसेंस रद्द

फार्मा कंपनियों पर एनसीबी का शिकंजा, सात राज्यों तक फैला था नेटवर्क

  • By Desk
  • November 3, 2026
  • 11 views
फार्मा कंपनियों पर एनसीबी का शिकंजा, सात राज्यों तक फैला था नेटवर्क

जेनेरिक दवा पर ब्रांडेड लेबल लगा बिक्री करने वालों के ठिकानों पर रेड

  • By Desk
  • November 3, 2026
  • 13 views
जेनेरिक दवा पर ब्रांडेड लेबल लगा बिक्री करने वालों के ठिकानों पर रेड

अंडाणु दान के नाम पर कथित रैकेट का भंडाफोड़

  • By Desk
  • November 2, 2026
  • 21 views
अंडाणु दान के नाम पर कथित रैकेट का भंडाफोड़