कोटा (राजस्थान)। Pregnant Women के किडनी फेल्योर मामले में राज्य सरकार ने एक्शन लिया है। मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में किडनी फेलियर से दो प्रसूताओं की मौत हो गई है। इस मामले में सरकार ने एक्शन लिया है। सरकार ने मरीजों को चढ़ाए गए ग्लूकोज, दवा, इंजेक्शन और एंटीबायोटिक को सीज किया गया है। साथ ही इन दवाओं के बैच पर रोक लगा दी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र नागर का कहना है कि पूरे राजस्थान में दवा सप्लाई रुकवा दी गई है। राजस्थान सर्विस मेडिकल कमीशन लिमिटेड के जरिए यह सप्लाई हुई थी। इस बैच की पूरी सप्लाई को सीज करवाया गया है। सबके सैंपल लेकर जांच करवाई गई है। जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों के परिजनों से बातचीत की। चिकित्सकों के साथ मीटिंग भी की।
जयपुर से आई कमेटी के साथ भी चर्चा की। सामरिया ने कहा कि मामला मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में हुआ है। संदिग्ध दवा, फ्लूड, एंटीबायोटिक की जांच की जा रही है। मरीज को चढ़ाए गए फ्लूड, इंजेक्शंस और मरीजों के सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। सभी के कल्चर टेस्ट भी करवाए जा रहे हैं। मृतक ज्योति का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। इसमें तबीयत बिगडऩे के कारण सामने आएंगे।










