सीकर (राजस्थान)। गर्भवती के पेट से भ्रूण गायब होने का मामला सामने आया है। इसे लेकर परिजनों ने नीमकाथाना जिला अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों ने कहा कि वे गर्भवती महिला को अस्पताल लाए थे। यहां से जयपुर रेफर किया गया। जयपुर में डॉक्टर ने कहा कि उसके पेट में बच्चा नहीं है।

परिजनों का कहना था कि महिला 6 महीने की गर्भवती थी। उसका भ्रूण नीमकाथाना अस्पताल में ही गायब हुआ है। अस्पताल से रेफर महिला के गर्भ में जयपुर पहुंचने पर भ्रूण नहीं मिला। मामले में अस्पताल प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

यह है मामला

कोटड़ा निवासी किरण को अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत पर नीमकाथाना के मातृ शिशु हॉस्पिटल (एमसीएच) लाया गया था। महिला की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे जयपुर रेफर कर दिया गया।

नीमकाथाना के मातृ शिशु हॉस्पिटल इंचार्ज डॉ. जीएस छापोला ने बताया कि हमारे हॉस्पिटल में प्रसव नहीं हुआ। न ही गर्भपात हुआ। महिला अस्पताल में आधे घंटे से कम रही। पूरे समय परिजन साथ मौजूद थे। पति दलीप का आरोप था कि पत्नी को सामान्य स्थिति में अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में रक्तस्राव बढ़ गया। जयपुर पहुंचने पर चिकित्सकों ने बताया कि गर्भ में भ्रूण नहीं है। परिजनों का आरोप है कि भ्रूण एमसीएच में ही निकल गया। इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई।

मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। महिला के ससुर ओमप्रकाश ने उपखंड अधिकारी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की। मातृ एवं शिशु अस्पताल के प्रभारी डॉ. जीएस छापोला ने कहा कि परिजनों में गर्भपात को लेकर भ्रम की स्थिति है। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।